पुखरायां के रामस्वरूप ग्राम उद्योग कॉलेज में एमएसएमई की कार्यशाला, युवाओं को सिखाए उद्यमिता के गुर
विद्यार्थियों को मशीन डिजाइन और प्रोडक्शन प्रक्रिया का दिया गया प्रेजेंटेशन।

कानपुर देहात के कस्बा पुखरायां स्थित रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय में एमएसएमई मंत्रालय के कानपुर सेंटर द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य विषय उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वरोजगार और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
विकसित भारत के लिए कौशल विकास अनिवार्य
कानपुर सेंटर के डायरेक्टर पी सिवान ने अपने प्रेजेंटेशन के दौरान कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक देश को विकसित भारत बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में एमएसएमई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं में जब तक स्किल को डेवलप नहीं किया जाएगा, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने एमएसएमई विकास अधिनियम 2006 का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश का युवा उद्यमी बनेगा, तभी भारत दुनिया के लिए केवल एक उपभोक्ता बाजार न रहकर दुनिया को बाजार के रूप में प्रयोग करने वाला देश बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को मशीनों की डिजाइनिंग और प्रोडक्शन की कार्यप्रणाली को भी विस्तार से समझाया।
साइबर सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन की दी गई जानकारी
ए एन डी कॉलेज कानपुर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ निहारिका गुप्ता ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी सबसे पहले मानवीय मनोविज्ञान का अध्ययन करते हैं और फिर डाटा हैक कर आर्थिक ठगी करते हैं। इससे बचने के लिए फोन में नोटिफिकेशन ऑफ रखने, कॉल मर्ज करने से बचने, अनजान ऑनलाइन गेम न खेलने और किसी को भी ओटीपी शेयर न करने की सलाह दी गई। वहीं, डॉ पुरुषोत्तम पोरवाल ने वित्तीय जागरूकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पैसा कमाने से ज्यादा उसका प्रबंधन आवश्यक है। सही वित्तीय प्रबंधन के बिना प्रगति की कल्पना नहीं की जा सकती।
युवाओं के कौशल को सकारात्मक दिशा देने की जरूरत
प्राचार्य प्रोफेसर हरीश कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज के युवाओं में कौशल की कोई कमी नहीं है, बस उसे सही और सकारात्मक दिशा में लगाने की आवश्यकता है। प्रोफेसर सविता गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों को उनके जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने में सहायक होगी। कार्यक्रम का संचालन इग्नू समन्वयक डॉ पर्वत सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ प्रबल प्रताप सिंह तोमर, डॉ रविंद्र सिंह, डॉ रमणीक श्रीवास्तव, डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ निधि अग्रवाल, डॉ अंशुमान उपाध्याय, डॉ इदरीश खान और संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



