रनियां में प्रदूषित पानी का कहर: एनजीटी के निर्देश पर शुरू हुई स्वास्थ्य जांच, क्रोमियम के डर से सहमे ग्रामीण
स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने वार्ड 10 से संकलित किए 30 नए सैंपल।

रनियां,आशीष कुमार। एनजीटी के निर्देश पर रनियां नगर पंचायत क्षेत्र के चार अलग-अलग वार्डों में प्रत्येक वार्ड से चिन्हित कर घरों में जाकर 30-30 लोगों के खून के नमूने संकलित किए जा रहे हैं। अभियान के चौथे दिन श्याम सुंदर वार्ड 10 में खून और पेशाब के सैंपल लिए गए। जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक रही।
खानचंद्रपुर व इसके आस-पास के इलाके का भू-गर्भ जल प्रदूषित हो चुका है। यहां पर लगे हैंडपंप व सबमर्सिबल पंप पीला व रंगीन बदबूदार पानी निकलता है। पूरा खानचंद्रपुर गांव जिसमें पालपुरवा,यादवपुरवा और चौहान पुरवा शामिल हैं।यहां रहने वाले लोगों का जीवन अभिशाप बन चुका है। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए सरकार द्वारा यहां ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था और पाइपलाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केमिकल फैक्ट्रियों से डंप क्रोमियम वेस्ट ने उनकी जिंदगी नर्क बना कर रख दी है।
खून की जांच में क्रोमियम व मरकरी मानक से अधिक मिलने से लोग आने वाले कुछ सालों में इससे होने वाले अंजान खतरे से भयभीत हैं। एनजीटी ने जांच का दायरा बढ़ाया है। गुरुवार को चौथे दिन श्यामसुंदर नगर वार्ड 10 में 30 लोगों के खून के नमूने संकलित किए गए हैं। जिसमें (21 महिला व 9 पुरुष ) के सैंपल लिए गए। इस दौरान डा विशाल भसीन, डा राहुल नड्डा, डॉ. भावना, डॉ. मयूरी गुप्ता, फार्मासिस्ट संदीप सिंह रहे।
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