शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की उपस्थिति को लेकर सख्त आदेश, 25 तारीख तक जमा करना होगा पावना
अमरौधा में बीईओ का कड़ा आदेश, समय पर पावना जमा न होने पर शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का रुकेगा मानदेय
राजेश कटियार, कानपुर देहात। अमरौधा विकासखण्ड के खण्ड शिक्षा अधिकारी ईश्वर कांत मिश्रा ने क्षेत्र के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और संविलियन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की मासिक उपस्थिति को प्रमाणित करने के नियमों को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। पत्र के अनुसार सभी संबंधित विद्यालयों के प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्कूल में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के उपस्थिति पंजिका पर तिथि के अनुसार रोजाना हस्ताक्षर करवाएं।
इसके साथ ही उनके मानदेय भुगतान के लिए तैयार किए जाने वाले उपस्थिति प्रपत्र (पावना) पर प्रत्येक दिन के सामने स्पष्ट रूप से तिथिवार हस्ताक्षर कराएं, अनुपस्थित की स्थिति में पावना में स्पष्ट रूप से अनुपस्थित अंकित कर पावना को निर्माण करके ही कार्यालय को उपलब्ध कराएं। आदेश में यह भी स्पष्ट कहा गया है कि सभी स्कूल प्रभारी प्रत्येक माह की 25 तारीख तक अनिवार्य रूप से प्रमाणित उपस्थिति प्रपत्र (पावना) बीआरसी कार्यालय में जमा करा दें। समय सीमा को लेकर बीईओ ने सख्त रुख अपनाया है। आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय 25 तारीख तक किसी विद्यालय का उपस्थिति प्रपत्र कार्यालय को प्राप्त नहीं होता है तो संबंधित शिक्षामित्र या अनुदेशक का मानदेय रोक (अवरुद्ध) दिया जाएगा।
ऐसी स्थिति में उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही मानदेय बिल आगे प्रस्तुत कर दिया जाएगा। समय पर प्रपत्र न भेजने के कारण यदि किसी का मानदेय रुकता है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रभारी का होगा और उनपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।



