कथित तौर पर 2-4 नहीं 500 लंच बाक्स हजम कर गया विकास भवन कानपुर देहात
कानपुर देहात जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई जब 500 लंच बाक्स के भुगतान को लेकर 4 साल से हैरान परेशान एक ढाबा संचालक ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगाने की हिमाकत कर डाली हालांकि समय रहते सक्रिय पुलिस बल एवं वहां उपस्थित लोगों ने बचा लिया

- सेवा प्रदाता 4 साल से भुगतान के लिए विभाग के लगा रहा है चक्कर
- दबाव इतना बढ़ा कि पेट्रोल डालकर करना पड़ा आत्मदाह का प्रयास
सुशील त्रिवेदी,अमन यात्रा ब्यूरो। कानपुर देहात जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई जब 500 लंच बाक्स के भुगतान को लेकर 4 साल से हैरान परेशान एक ढाबा संचालक ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगाने की हिमाकत कर डाली हालांकि समय रहते सक्रिय पुलिस बल एवं वहां उपस्थित लोगों ने बचा लिया। पता चला है कि कानपुर दिल्ली हाईवे पर अकबरपुर के निकट स्थित “मां की रसोई”के नाम से ढाबा संचालन करने वाले गौरव त्रिपाठी ने वर्ष 2022 में विकास भवन स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय को मांग के अनुरूप 5oo लंच पैकेट की आपूर्ति की जिसके भुगतान का रुपया 52900 उन्हें मिलना चाहिए था जिसके लिए उन्होंने 2026 तक चक्कर लगाए किन्तु जिम्मेदारों ने उन्हें हाई कोर्ट के तर्ज़ पर तारीख पे तारीख की हिमाकत की जो समाचार लिखने तक बदस्तूर जारी है। इस संबंध में ढाबा संचालक गौरव त्रिपाठी की अगर माने तो उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी तक अपनी शिकायत दर्ज कराई किंतु कोई कार्रवाई परिणाम तक नहीं पहुंची।हम अपने पाठकों को भी बताते चलें कि गौरव त्रिपाठी वर्तमान भाजपा सरकार के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ के द्वितीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता हैं और बेरोजगारी दूर करने के लिए ढाबा संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मदाह करने का कदम उठाने का प्रयास उन्होंने परिवार तानों,मित्रों के उपहास के कारण उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि ढाबा संचालक के प्रारंभिक दिनों में उक्त धनराशि का भुगतान न होने से व्यवसाय का आर्थिक ढांचा चरमरा गया है।



