कानपुर देहात : सुप्रीम निर्णय लाखों अवकाश प्राप्त शिक्षकों कर्मचारियों के लिए लाया खुशखबरी
अनेक संगठनों ने इसे लाखों पेंशनरों के लिए राहत भरी घोषणा कहा

सुशील त्रिवेदी, कानपुर देहात: सुप्रीम कोर्ट ने सिविल रिट याचिका संख्या 2490 एवं केस संख्या 8222/2024 में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए यह निर्देश दिया है कि केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन की कम्यूटेशन राशि की वसूली अवधि अब 15 वर्षों के स्थान पर केवल 10 वर्ष और 8 माह (128 माह) ही होगी। यह फैसला वर्तमान में ब्याज दरों में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो पहले 15 वर्षों की वसूली अवधि का आधार थी।
रिटायरमेंट के समय कर्मचारी एकमुश्त राशि पाने के लिए अपनी कुछ मासिक पेंशन को अग्रिम रूप से प्राप्त करता है, जिसे कम्यूटेशन कहते हैं। इसके कारण उसकी मासिक पेंशन कम हो जाती है। सीसीएस 1981 के अनुसार, पूर्ण पेंशन 15 वर्षों बाद बहाल की जाती थी। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अब ब्याज दरें काफी घट चुकी हैं, जिससे पेंशन धारकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस वजह से अब 128 माह (10 वर्ष 8 माह) में ही पूरी राशि की वसूली हो जाती है।
अतः इसके बाद कटौती करना अन्यायपूर्ण है। इस निर्णय का प्रभाव: अब केंद्रीय कर्मचारियों की पूर्ण पेंशन पहले की अपेक्षा 4 साल 4 माह पहले बहाल होगी, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। राज्य कर्मचारियों को भी लाभ: यह फैसला केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि राज्य सरकारों के कर्मचारियों पर भी लागू होगा। यह ऐतिहासिक निर्णय उन लाखों पेंशनधारकों के लिए राहत भरा है, जिन्हें अब अपनी पूर्ण पेंशन शीघ्र बहाल होते देख सकेंगे।
इस खुशखबरी को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट तथा ठकुरई गुट के अलावा शिक्षक कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया है। जिनमें प्रमुख रूप से नागेन्द्र सिंह भदोरिया, ठाकुर प्रसाद यादव, वी के मिश्रा, उत्तम शुक्ला राजेश पांडे आदि ने विचार व्यक्त किया।



