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कानपुर देहात में वृक्षारोपण महायज्ञ की धूम, अमूल डेयरी से लेकर स्कूलों तक रोपे गए पौधे, जियो टैगिंग से होगी निगरानी

अमूल डेयरी माती, ग्राम अकोडी और संविलयन विद्यालय रसधान में लगाए गए पौधे।

कानपुर देहात में पर्यावरण संरक्षण और हरित पट्टी के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 का शंखनाद हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत जनपद में व्यापक जनसहभागिता देखने को मिल रही है। इसी क्रम में जिले के नोडल अधिकारी और आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग जी.एस. प्रियदर्शी ने मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल के साथ विभिन्न विकासखंडों का दौरा किया और अमूल डेयरी माती, विकासखंड मलासा के ग्राम अकोडी तथा राजपुर के संविलयन विद्यालय रसधान में पौधरोपण कर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत की।

पौधों को वृक्ष बनाने तक संरक्षण का लें संकल्प: नोडल अधिकारी

अमूल डेयरी माती के परिसर में पाकड़ का पौधा लगाने के बाद उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को संबोधित करते हुए नोडल अधिकारी जी.एस. प्रियदर्शी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का उत्सव या औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने से ज्यादा जरूरी उनका संरक्षण, नियमित सिंचाई और देखभाल सुनिश्चित करना है। उन्होंने जनपद के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसे सुरक्षित रखने का संकल्प लें।

अमूल डेयरी में व्यवस्थाओं को परखा, किसानों के प्रयास की सराहना की

पौधरोपण के पश्चात नोडल अधिकारी ने अमूल डेयरी परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और विभिन्न दुग्ध उत्पादों के विपणन से जुड़ी आधुनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डेयरी के सफल संचालन और स्वच्छता मानकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अमूल की भूमिका बेहद सराहनीय है।

अकोडी में गूंजी पर्यावरण की शपथ, रसधान में बच्चों के नवाचारों ने मोहा मन

इसके बाद मलासा विकासखंड के ग्राम अकोडी में ओपन जिम, खेल मैदान और गौ आश्रय स्थल के पास खाली भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। इस कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, एनसीसी कैडेट्स, ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पौधों की देखभाल का सामूहिक संकल्प दोहराया। वहीं, राजपुर के संविलयन विद्यालय रसधान पहुंचने पर स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत गाकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया। यहाँ पौधरोपण के बाद अधिकारियों ने बच्चों द्वारा शिक्षा, पर्यावरण और विज्ञान से जुड़े स्थानीय नवप्रयोगों के स्टालों का अवलोकन किया। नोडल अधिकारी ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के संस्कार बचपन से ही विकसित किए जाने चाहिए।

जियो टैगिंग से रखी जाएगी हर पौधे पर नजर

इस बार वृक्षारोपण अभियान को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के लिए सभी ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों को सक्रिय किया गया है। अभियान के स्थायी परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग की जा रही है, जिससे उनके जीवित रहने और विकास की नियमित मॉनिटरिंग (अनुश्रवण) की जा सके।

इस विशेष अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, उपायुक्त मनरेगा अशोक कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए अनिरुद्ध सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे।


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