मंडल में कानपुर देहात से सर्वाधिक 661 विद्यालय “निपुण” घोषित
लगातार दूसरे वर्ष जनपद मंडल में प्रथम स्थान पर

- एसआरजी, एआरपी और शिक्षकों के प्रयासों से जिले को मिली बड़ी उपलब्धि
कानपुर देहात। निपुण भारत मिशन के तहत परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक और कक्षा दो के छात्रों का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पुखरायां में पढ़ रहे डीएलएड के छात्रों से कराए गए स्वतंत्र आकलन का परिणाम मंगलवार शाम जारी हो गया।
कानपुर मंडल में सर्वाधिक 661 निपुण विद्यालय कानपुर देहात के घोषित हुए। कानपुर नगर के 226, इटावा के 497, कन्नौज के 306, फर्रुखाबाद के 475 और औरैया जिले के 229 विद्यालय निपुण विद्यालय के रूप में घोषित किए गए।
एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे बालवाटिका, कक्षा एक और कक्षा दो के छात्रों की भाषा और गणित विषय के लिए न्यूनतम दक्षताएं निर्धारित की गई हैं।
जिसका उद्देश्य है कि बच्चों को अपनी निर्धारित कक्षा के अनुरूप न्यूनतम ज्ञान की प्राप्ति हो जाए। इन दक्षताओं का आकलन परियोजना द्वारा डायट में पढ़ रहे डीएलएड के छात्रों द्वारा निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से कराया गया था। जब किसी विद्यालय के कक्षा एक और कक्षा दो में पढ़ने वाले 80 प्रतिशत छात्र निपुण लक्ष्य एप पर इन दक्षताओं को हासिल कर लेते हैं तो उस विद्यालय को निपुण विद्यालय के रूप में घोषित कर दिया जाता है। एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने बताया कि निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से छात्रों को निर्धारित समय सीमा में प्रवाह के साथ शब्दों और दी गई कहानी का पठन करना होता है।
साथ ही गणित में दिए गए चार प्रश्नों में से तीन प्रश्नों को हल करना होता है। एसआरजी अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि छात्रों का लेखन जांचने के लिए परियोजना ने एआई का भी प्रयोग किया था। जिला समन्वयक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि परियोजना के दिशा निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक डीएलएड छात्र द्वारा 27 जनवरी से 12 फरवरी तक एक दिन में दो विद्यालयों का विद्यालय पहुंचकर स्वतंत्र मूल्यांकन किया गया था।
जिला समन्वयक निपुण देवेश धर दुबे ने बताया कि विद्यालयों में कराए गए स्वतंत्र मूल्यांकन के सापेक्ष 661 विद्यालय निपुण घोषित हो गए। विकास खंडवार बात की जाए तो रसूलाबाद से सर्वाधिक 49%, राजपुर के 48%, अकबरपुर के 47%, संदलपुर के 45%, झींझक के 44%, डेरापुर के 44%, मलासा के 42%, अमरौधा के 42%, सरवनखेड़ा के 41% और मैथा के 38% विद्यालय निपुण घोषित हुए। डायट प्राचार्य राजेश वर्मा और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने जिले के निपुण घोषित किए गए विद्यालय के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, एआरपी, एसआरजी के सतत प्रयासों की सराहना करते हुए जिले का परिणाम पर संतोष व्यक्त किया।
ये भी पढ़े- कानपुर देहात: थाना बरौर पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल, भटकते मासूम को परिजनों से मिलाया



