मतदाता सूची पुनरीक्षण: जिलाधिकारी ने बूथों पर पहुंचकर परखी व्यवस्था, नागरिकों से किया संवाद
जिलाधिकारी ने किया सीसामऊ और आर्यनगर के केंद्रों का निरीक्षण
कानपुर नगर में मतदाता सूची को त्रुटिहीन और अपडेटेड बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आज सीसामऊ और आर्यनगर विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न बूथों का औचक निरीक्षण कर ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान’ (SIR) की जमीनी हकीकत जानी। जिलाधिकारी ने जीजीआईसी चुन्नीगंज, कैलाशनाथ इंटर कॉलेज और डीएवी इंटर कॉलेज पहुंचकर वहां तैनात बीएलओ से उनके कार्यों का फीडबैक लिया और मौके पर मौजूद नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान किया।
ड्राफ्ट रोल में नाम जांचने का सुनहरा मौका
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान बताया कि उत्तर प्रदेश में निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी को ही किया जा चुका है। आज 11 जनवरी से जनपद के सभी बूथों पर बीएलओ ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ मौजूद हैं। ऐसे में जो भी नागरिक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं, वे अपने संबंधित बूथ पर जाकर इसकी जांच कर सकते हैं। उन्होंने अपील की कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है, तो वह तुरंत फॉर्म-6 भरकर आवेदन करे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा
प्रशासन ने नाम जोड़ने की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। पात्र नागरिक फॉर्म-6 को ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी भर सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल या ‘वोर हेल्पलाइन ऐप’ का उपयोग किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिनका मोबाइल नंबर पहले से लिंक है, वे ऐप के जरिए पूरे परिवार का विवरण एक साथ देख सकते हैं। वहीं, बीएलओ को कॉल रिक्वेस्ट भेजने की नई सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे अधिकारी खुद नागरिक से संपर्क कर सहायता करेंगे।
आयु के आधार पर दस्तावेजों की अनिवार्यता
निर्वाचन आयोग ने सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए उम्र के हिसाब से दस्तावेजों की श्रेणी तय की है। 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे लोगों को आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध पहचान पत्रों में से कोई एक देना होगा। वहीं, जो नागरिक 1 जुलाई 1987 के बाद और दिसंबर 2004 से पहले जन्मे हैं, उन्हें अपने साथ माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज लगाना होगा। वर्ष 2004 के बाद जन्मे युवाओं के लिए स्वयं के साथ माता-पिता दोनों के दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं।
पहचान के लिए मान्य 13 प्रमुख दस्तावेज
मतदाता सत्यापन के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने एक विस्तृत सूची जारी की है। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिक सर्टिफिकेट, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी कर्मचारी पहचान पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा पेंशन भुगतान आदेश, परिवार रजिस्टर की नकल, और भूमि आवंटन पत्र को भी प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी के पास 2003 की मतदाता सूची का विवरण है, तो उससे सत्यापन कार्य और भी आसान हो जाएगा।
आधिकारिक बयान
“विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत हमारा लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए। सभी बीएलओ को प्रशिक्षित किया गया है और वे फील्ड पर मुस्तैद हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपनी मतदाता पहचान सुनिश्चित करें और किसी भी त्रुटि या नाम छूटने की स्थिति में ऑनलाइन या बूथ पर जाकर फॉर्म-6 जरूर भरें।” – जिला निर्वाचन अधिकारी, कानपुर नगर
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