एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति की प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सीता यादव,राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव,इंजीनियर राम अवतार ने श्रीमद्भागवत कथा में पहुंच व्यास पीठ का किया पूजन
भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के मलासा विकासखंड के महर्षि दुर्वासा ऋषि आश्रम के निकट स्थित महोलिया गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को कथावाचक ने उपदेश दिया कि यदि भगवान के साथ रहना चाहते है तो मोह माया त्यागना होगा वहीं कथा में श्रीकृष्ण जन्म लीला का वर्णन किया।श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को सरस कथावाचक जिमी पाल चैतन्य ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा

- कथावाचन और कथाश्रवण दोनों ही सौभाग्य की बात डॉक्टर सीता यादव
- सामाजिक एकता कायम रखने के लिए धार्मिक अनुष्ठान जरूरी दीक्षा यादव
पुखरायां।भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के मलासा विकासखंड के महर्षि दुर्वासा ऋषि आश्रम के निकट स्थित महोलिया गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को कथावाचक ने उपदेश दिया कि यदि भगवान के साथ रहना चाहते है तो मोह माया त्यागना होगा वहीं कथा में श्रीकृष्ण जन्म लीला का वर्णन किया।श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को सरस कथावाचक जिमी पाल चैतन्य ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा।सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई तो उसे इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था।भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं।भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए।कथावाचक ने कहा कि जब जब धरती पर धर्म की हानि होती है तब तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं।जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पांडाल जयकारों से गूंज उठा।इस अवसर पर एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति की प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सीता यादव,राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव,समाजवादी पार्टी के कानपुर देहात के जिला महासचिव इंजीनियर राम अवतार यादव,शिक्षक महेंद्र पाल सिंह ने कथा में पहुंचकर व्यास पीठ का पूजन किया तथा मौजूद लोगों को संबोधित किया।एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति की राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों से सामाजिक एकता बढ़ती है।इसलिए समय समय पर ऐसे आयोजन नितांत आवश्यक हैं।इंजीनियर राम अवतार यादव ने कहा कि देखने में आ रहा है कि धार्मिक अनुष्ठानों से युवा पीढ़ी का लगाव कम होता जा रहा है।इसलिए युवाओं को भी धार्मिक अनुष्ठानों में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।डॉक्टर सीता यादव ने कहा कि कथावाचन और कथाश्रवण दोनों ही सौभाग्य की बात है।इस मौके पर परीक्षित मथुरा प्रसाद फौजी एवं रामश्री, यदुवीर यादव,हरपाल,जयहिंद, चंद्रभान सिंह,अनूप श्रीवास्तव, शिवकरन दरोगा जी,करन सिंह यादव,विजय सिंह यादव, चरन सिंह यादव समेत ग्रामवासी व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।



