कानपुर देहात: अचानक गायब हो जाए मोबाइल का नेटवर्क तो हो जाएं सावधान, शिवली पुलिस ने हैकिंग के जाल से ऐसे बचाए पीड़ित के ₹98,308
17 जनवरी से 22 जनवरी 2026 के बीच हुई इस बड़ी धोखाधड़ी की शिकायत 23 जनवरी को दर्ज कराई गई थी।

कानपुर देहात: जनपद कानपुर देहात में अपराध निवारण और साइबर क्राइम से संबंधित घटनाओं की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शिवली थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते डूबी हुई रकम को सुरक्षित वापस करा लिया गया है। ठगों ने पीड़ित के फोन को हैक करने के बाद चालाकी से सिम पोर्ट करा ली थी, जिससे बैंक से जुड़े सारे गोपनीय संदेश और ओटीपी सीधे अपराधियों के पास पहुंचने लगे थे।
यह पूरी वारदात ग्राम मवैया के रहने वाले सतीश चन्द्र पुत्र मुंशीलाल के साथ घटित हुई थी। जनवरी के महीने में शातिरों ने उनके खाते से पैसे साफ कर दिए थे, जिसकी जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तुरंत पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क से मदद गुहार लगाई। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और त्वरित बैंक कॉर्डिनेशन के जरिए ठगे गए रुपयों को ट्रैक किया और प्रक्रिया को पूरा करते हुए ₹98,308.46 की राशि को सीधे पीड़ित के खाते में रिफंड करवा दिया। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर पीड़ित ने राहत की सांस ली और पुलिस प्रशासन का सहृदय धन्यवाद किया।
साइबर फ्रॉड से सुरक्षा के लिए गाइडलाइन
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मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तुरंत सीईआईआर पोर्टल या संचार साथी एप्लीकेशन (https://www.ceir.gov.in) पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं, ताकि डिवाइस को तुरंत ब्लॉक किया जा सके।
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यदि कभी भी आपके बैंक खाते से कोई अनधिकृत या संदेहास्पद ट्रांजैक्शन होता है, तो बिना एक मिनट गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (https://www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत सबमिट करें।



