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परीक्षा के तनाव को मात देकर सफलता की राह चुनेंगे पुलिस परिवार के बच्चे

'वामा सारथी' के तत्वावधान में 'परीक्षा पर चर्चा' कार्यक्रम का सफल आयोजन कानपुर देहात (अकबरपुर)। बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के आगामी सत्र को देखते हुए पुलिस लाइन जनपद कानपुर देहात में रविवार को एक विशेष पहल की गई

कानपुर देहात। ‘वामा सारथी’ के तत्वावधान में ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का सफल आयोजन
कानपुर देहात (अकबरपुर)। बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के आगामी सत्र को देखते हुए पुलिस लाइन जनपद कानपुर देहात में रविवार को एक विशेष पहल की गई। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के कुशल निर्देशन में ‘वामा सारथी’ (उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन) द्वारा पुलिस परिवार के बच्चों के लिए ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य परीक्षाओं के दौरान बच्चों में होने वाले मानसिक तनाव को कम करना और उन्हें सफलता के मंत्र सिखाना था।
विशेषज्ञों ने दिए सफलता के गुर
रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित इस सत्र में वामा सारथी की अध्यक्षा श्रीमती सुरभि पाण्डेय एवं उपाध्यक्षा  नेहा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री रामराज यादव (मानद सूबेदार मेजर) और दक्षेश एकेडमी के संस्थापक पंकज सिंह ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने बच्चों को बताया कि परीक्षा केवल ज्ञान का नहीं, बल्कि धैर्य और सही प्रबंधन का भी परीक्षण है।
तनाव मुक्त परीक्षा के लिए बताए गए ‘सफलता सूत्र’
सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों के साथ व्यावहारिक सुझाव साझा किए, जिनमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित रहे:
तनाव प्रबंधन: कठिन विषयों को देखकर घबराने के बजाय उन्हें छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ने की सलाह दी गई।
समय प्रबंधन: पढ़ाई और आराम के बीच सही संतुलन बनाने के लिए प्रभावी टाइम-टेबल बनाने पर जोर दिया गया।
एकाग्रता और आत्मविश्वास: एकाग्रता बढ़ाने के लिए मानसिक अभ्यास और सकारात्मक सोच विकसित करने के तरीके बताए गए।
रणनीति: परीक्षा हॉल में समय के सही उपयोग और प्रश्नों को हल करने की प्रभावी तकनीकों पर चर्चा की गई।
पुलिस परिवारों ने सराहा
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अभिभावकों और बच्चों ने इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। अभिभावकों का कहना था कि पुलिस ड्यूटी की व्यस्तता के कारण वे अक्सर बच्चों को समय नहीं दे पाते, ऐसे में विभाग द्वारा आयोजित यह सत्र बच्चों का मनोबल बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।

anas quraishi
Author: anas quraishi

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