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कानपुर देहात: मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के अंतर्गत जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की विशेष बैठक सम्पन्न

11 से 18 अगस्त तक चले विशेष अभियान में 46 वाहनों का चालान, 08 वाहन निरुद्ध; स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं चालकों के सत्यापन पर सख्ती जारी

कानपुर देहात। जनपद में स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के अंतर्गत जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की विशेष बैठक आज माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंत्री, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग राकेश सचान व राज्यमंत्री, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, उ०प्र०/मा० सदस्य, विधानसभा क्षेत्र अकबरपुर श्रीमती प्रतिभा शुक्ला विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में सम्मिलित हुए। बैठक में जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन एवं प्रवर्तन) सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पूर्व बैठक दिनांक 10 जुलाई 2026 में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए राज्यमंत्री, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, उ०प्र०/मा० सदस्य, विधानसभा क्षेत्र अकबरपुर ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके सुरक्षित आवागमन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि बच्चों के परिवहन में लगाए गए सभी वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हों तथा चालकों के लाइसेंस, स्वास्थ्य एवं चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण हो। उन्होंने अधिकारियों से अभियान को प्रभावी एवं निरंतर बनाए रखने के साथ विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावकों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

मंत्री, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग राकेश सचान ने कहा कि स्कूली वाहनों के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना आवश्यक है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय में फिटनेस, परमिट एवं चालक के वैध दस्तावेजों की जांच में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाकर मानक-विहीन एवं अनधिकृत वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि जनपद में स्कूली बच्चों का सुरक्षित परिवहन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि बच्चों के परिवहन में केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले वैध वाहनों का ही उपयोग हो।

बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा अन्य आवश्यक प्रपत्रों के संचालित किसी भी वाहन के संबंध में लापरवाही न बरती जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से निरंतर संचालित करने तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की आख्या एवं अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के अंतर्गत 11 से 18 अगस्त 2026 तक चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान में कुल 46 वाहनों का चालान किया गया तथा 08 वाहनों को निरुद्ध किया गया। फिटनेस एवं परमिट समाप्त पाए गए वाहनों के संबंध में संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं।

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निजी वाहनों के रूप में पंजीकृत वाहनों का उपयोग स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन के लिए न किया जाए। जनपद में कुल 674 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें 640 वाहन विद्यालयों के नाम से पंजीकृत तथा 34 वाहन विद्यालयों में अनुबंधित हैं। वर्तमान में 27 वाहनों की फिटनेस तथा 29 वाहनों के परमिट समाप्त पाए गए हैं, जिनके संबंध में संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। परिवहन विभाग द्वारा विद्यालयों में जाकर वाहनों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है तथा बिना वैध फिटनेस एवं परमिट के संचालित वाहनों के विरुद्ध चालान एवं निरुद्ध करने की कार्रवाई की जा रही है।

उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियमावली-2019 के अनुपालन में सभी अशासकीय सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त बेसिक तथा माध्यमिक विद्यालयों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर नियमित बैठकें आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबंधित 330 विद्यालय संचालित हैं, जहां विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित कराने के साथ सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। समस्त स्कूली वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य परीक्षण एवं चरित्र सत्यापन की कार्यवाही संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य/प्रबंधक द्वारा कराई जानी है।

इस संबंध में विद्यालयों से शपथपत्रों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कर सत्यापन कार्यवाही की जा रही है, जिसका नियमित अनुश्रवण बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किया जा रहा है। साथ ही स्कूली वाहनों के चालकों एवं परिचालकों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम वेतन न दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के निर्देशों के क्रम में विद्यार्थियों से लिए जाने वाले परिवहन व्यय की निर्धारित सीमा का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों को निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली न करने के लिए निर्देशित किया गया है तथा इसका नियमित अनुश्रवण खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।

बैठक में निर्देश दिए गए कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद बिना वैध प्रपत्रों अथवा निर्धारित मानकों के स्कूली वाहन संचालित करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध संबंधित नोडल अधिकारियों के माध्यम से नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समिति ने स्पष्ट किया कि जनपद में स्कूली बच्चों का सुरक्षित परिवहन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के समन्वय से अभियान को निरंतर जारी रखा जाएगा। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की आख्या एवं अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने तथा आगामी बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

 

 


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