कानपुर- जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर बनेगी शीघ्र कार्ययोजना, देरी पर होगी एफआईआर: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने की लोकनिर्माण विभाग की समीक्षा, कानपुर मंडल को मिलेगी 11,724 करोड़ की सौगात

कानपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर मंडल के विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की उच्चस्तरीय बैठक की। एचबीटीयू परिसर के संयुक्त आयुक्त कार्यालय स्थित उद्योग सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना का खाका तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी विकास परियोजनाओं में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान कानपुर मंडल के छह जनपदों से कुल 11,724 करोड़ रुपये की लागत वाली 1,374 नई परियोजनाओं के प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इसमें सर्वाधिक कानपुर नगर से 5,523 करोड़ रुपये की 344 परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा कन्नौज से 2,058 करोड़ (217 परियोजनाएं), फर्रुखाबाद से 2,016 करोड़ (339 परियोजनाएं), कानपुर देहात से 1,581 करोड़ (387 परियोजनाएं), औरैया से 439 करोड़ (33 परियोजनाएं) तथा इटावा से 104 करोड़ रुपये की 54 परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री ने इन सभी प्रस्तावों को वरीयता क्रम के अनुसार संकलित कर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए ताकि समय से बजट स्वीकृत कर काम शुरू कराया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्गों, पुलों, फ्लाईओवर, आरओबी/आरयूबी और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों के निर्माण में तेजी लाई जाए। सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों या संस्थाओं से कड़ाई से क्षतिपूर्ति वसूली जाए। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि विकास कार्यों के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
गत वित्तीय वर्ष की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री को बताया गया कि मंडल में स्वीकृत 5,497 करोड़ रुपये की 2,301 परियोजनाओं में से 1,242 कार्य पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस पर असंतोष जताया कि कुछ परियोजनाओं में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने ऐसी लापरवाह फर्मों को तत्काल चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए। बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय,राकेश सचान, असीम अरुण, अजीत पाल, प्रतिभा शुक्ला, कैलाश सिंह राजपूत, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, सुरेंद्र मैथानी, अभिजीत सिंह सांगा, महेश त्रिवेदी, राहुल बच्चा सोनकर, सुरभि, सरोज कुरील, अर्चना पांडेय सहित विभिन्न जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



