कानपुर: देखिए! डीएम ने कैसे खोल दी स्वास्थ्य विभाग की पोल
डीएम ने पकड़ा रंगे हाथ! 11 बजे भी बंद था लोधर उप-केंद्र
लोधर (मंधना),कानपुर। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ की बदहाली खुद जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के सामने आ गई। एक विद्यालय कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे जिलाधिकारी की नजर कल्याणपुर विकास खंड के लोधर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप-केंद्र) पर पड़ी, जो सुबह 11 बजे पूरी तरह बंद पाया गया।
दो महीने से केंद्र बंद, सीएचओ पर लापरवाही का आरोप
बंद केंद्र को देखकर जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने चौंकाने वाली जानकारी दी कि यह स्वास्थ्य केंद्र पिछले लगभग दो महीने से बंद पड़ा है। उनका कहना था कि केंद्र पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के पति का निधन होने के बाद से वह ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं, जिसके कारण गरीब जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
सीएमओ को मौके पर तलब कर लगाई कड़ी फटकार
इस गंभीर लापरवाही की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) हरिदत्त नेमी को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब जिलाधिकारी पुनः केंद्र पर पहुंचे, तो उन्होंने सीएमओ को सचेत करते हुए पूछा, “इतनी महत्वपूर्ण शासन की योजना के बंद रहने की जानकारी आपको क्यों नहीं है?”
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीएमओ से इस केंद्र को अविलंब संचालित कराने का निर्देश दिया।
लापरवाही करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सीएमओ को विस्तृत जांच के आदेश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि:
-
जनपद के समस्त आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की पिछले दो माह की उपस्थिति का तत्काल सत्यापन कर आख्या प्रस्तुत की जाए।
-
संबंधित नोडल अधिकारी और पर्यवेक्षकों की शिथिलता की जिम्मेदारी तय की जाए।
-
क्षेत्रीय एमओआईसी (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) द्वारा समय पर निरीक्षण न करने और हस्तक्षेप न करने के कारणों की जांच की जाए।
जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि सभी चिकित्सालय और आरोग्य मंदिर अपनी पूर्ण क्षमता के साथ नियमित रूप से संचालित होने चाहिए ताकि आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं में कोई परेशानी न हो। अंत में, उन्होंने लापरवाही बरतने वाली सीएचओ के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी सीएमओ को दिए।
ये भी पढ़े- कानपुर देहात: क्राइम रिमाइंडर, पढ़े कब क्या हुआ, कितने को दबोचा!



