नबी की शान में नारों से गूंजा अमरौधा, जुलूस-ए-मोहम्मदी में उमड़ा जनसैलाब
ब्लॉक अमरौधा में पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला पारंपरिक जुलूस-ए-मोहम्मदी इस वर्ष भी पूरे धार्मिक उत्साह और धूमधाम के साथ निकाला गया

- अंजुमन मदरसा ज़ीनतुल इस्लाम के तत्वावधान में निकला पारंपरिक जुलूस, कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए हजारों लोगों ने की शिरकत।
अमरौधा, कानपुर देहात। ब्लॉक अमरौधा में पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला पारंपरिक जुलूस-ए-मोहम्मदी इस वर्ष भी पूरे धार्मिक उत्साह और धूमधाम के साथ निकाला गया। अंजुमन मदरसा ज़ीनतुल इस्लाम द्वारा आयोजित इस भव्य जुलूस में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिससे पूरा कस्बा पैगंबर की शान में लगने वाले नारों से गूंज उठा।
तय कार्यक्रम के अनुसार, जुलूस ठीक दोपहर 2:30 बजे पिपरी मार्ग पर स्थित मदरसे से शुरू हुआ। जुलूस का पहला पड़ाव नूरी जामा मस्जिद था, जहाँ पहले से ही बड़ी संख्या में लोग काफिले में शामिल होने के लिए एकत्रित थे। लगभग 3 बजे, जुलूस ने अपनी आगे की यात्रा शुरू की और कस्बे के विभिन्न मोहल्लों की ओर बढ़ा।
जुलूस का मार्ग बहुत व्यवस्थित और लंबा था, जो कस्बे के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों को कवर करता था। नूरी जामा मस्जिद से निकलकर जुलूस पश्चिम दिशा में बाजार, टाउन एरिया से होते हुए मुश्ताक मार्केट पहुँचा। वहां से बाईं ओर मुड़कर जुलेठी जामा मस्जिद और फिर गढ़ी दरवाजा मस्जिद गया। इसके बाद कुंजरैठी, पातेपुर, और पातेपुर गेस्ट हाउस होते हुए जुलूस बड़े चौराहे पर पहुँचा।
बड़े चौराहे से जुलूस मंसूरी मोहल्ला, दर्जी मोहल्ला, और नसीम ठेकेदार की चक्की से होकर साबू चेयरमैन के घर के पास से कटरा के पूर्वी रास्ते की ओर बढ़ा। यहाँ से जुलूस ने महमूदपुर और मोहल्ला आजाद नगर में प्रवेश किया, जहाँ स्थानीय निवासियों ने फूल-मालाओं से इसका भव्य स्वागत किया।
पूरे रास्ते भर, बच्चे, बूढ़े और जवान सभी उम्र के लोग बड़े जोश और उत्साह के साथ पैगंबर की शान में नारे लगा रहे थे। अंत में, यह विशाल जुलूस विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए वापस नूरी जामा मस्जिद पहुँचकर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र में आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की।



