कानपुर देहातउत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

कानपुर देहात: वेद और गीता में छुपा है पर्यावरण बचाने का रास्ता — पुखरायां महाविद्यालय में NCC कैडेट्स ने लगाए पौधे, इग्नू ने कराया वेबीनार

"माँ के गर्भ की झिल्ली जैसा है पर्यावरण" — नालंदा के प्रोफेसर की बात ने छू लिया दिल

पुखरायां। विश्व पर्यावरण दिवस पर पुखरायां कस्बे के रामस्वरूप ग्राम उद्योग महाविद्यालय में दोहरा उत्सव देखने को मिला। एक तरफ महाविद्यालय के NCC कैडेट्स ने पौधरोपण कर धरती को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया, तो दूसरी तरफ इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ और महाविद्यालय के अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में “पर्यावरण संरक्षण — महत्व और चुनौतियां” विषय पर गूगल मीट के माध्यम से वेबीनार आयोजित हुआ।

माँ की कोख जैसा है पर्यावरण — प्रोफेसर कर्ण

वेबीनार के मुख्य वक्ता नव नालंदा महाविद्यालय, नालंदा (बिहार) के प्रोफेसर विजय कुमार कर्ण ने वेद, उपनिषद, गीता, महाभारत और रामायण में महर्षियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठाए गए कदमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरण उसी तरह सुरक्षा कवच है जैसे माँ के गर्भ में झिल्ली शिशु की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति को अपनाना ही इस धरती को बचाने का सबसे सटीक मार्ग है।

13 मिलियन प्रजातियाँ, पर कितनी बचेंगी — निदेशक वर्मा की चेतावनी

निदेशक डॉ. जयप्रकाश वर्मा ने चिंता जताई कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार धरती पर 13 मिलियन प्रजातियाँ हैं, जिनमें से केवल 1.7 मिलियन को ही पहचाना जा सका है। आज इनमें से अनेक प्रजातियाँ तेजी से लुप्त हो रही हैं, जो एक गंभीर पर्यावरणीय संकट की ओर इशारा करती है।

वैदिक दृष्टांतों में है इस तपती धरती को बचाने का उपाय

डॉ. अनामिका सिन्हा ने कहा कि वैदिक साहित्य में महापुरुषों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनेक दृष्टांत दिए हैं। यदि हम उन पर गंभीरता से विचार करें तो इस तपती धरती को बचाना संभव है।

इग्नू के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यावरण आज पूरे विश्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है और यह गहन चिंतन का विषय है। अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. पर्वत सिंह ने कहा कि जब हम राष्ट्र बोध से प्रेरित होते हैं तो राष्ट्र को बचाने के लिए हर जरूरी प्रयास स्वाभाविक रूप से करने लगते हैं। कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र कुमार, संजय सिंह, NCC कैडेट्स और अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 


ये भी पढे-  कानपुर देहात: 8, 9 और 10 जून को होगी पुलिस भर्ती परीक्षा — DM ने खींची लक्ष्मण रेखा, बोले: नकल और अनुशासनहीनता पर होगी तत्काल कार्रवाई


 

Related Articles

AD
Back to top button