उत्तरप्रदेशकानपुरफ्रेश न्यूज

कानपुर: शीतलहर से बचाव को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने कहा- रैन बसेरों में वसूली हुई तो होगी कार्रवाई

सेवा भाव से जनसहायता करने की अपील, कोहरे में हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को कड़े निर्देश

कानपुर: बढ़ती ठंड और कोहरे की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में शीतलहर से बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे सेवा भाव से आम जनमानस की सहायता करें। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी रैन बसेरे में रुकने वाले लोगों से पैसे लिए गए, तो संबंधित के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

दो दिन में देनी होगी फोटोयुक्त रिपोर्ट डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों के रैन बसेरों का खुद निरीक्षण करें। वहां बिजली, पानी, कंबल, शौचालय और चार्जिंग प्वाइंट जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। अधिकारियों को निरीक्षण के बाद दो दिन के भीतर फोटोयुक्त डिजिटल डायरी बनाकर रिपोर्ट सौंपनी होगी।

महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम बैठक में सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि रैन बसेरों में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग बोर्ड लगाए जाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महिला रैन बसेरों में केवल महिला संचालिका की ही तैनाती की जाए। साथ ही, हर रैन बसेरे के बाहर संचालक का नाम और मोबाइल नंबर बड़े बोर्ड पर लिखा होना चाहिए और अंदर शिकायत रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा।

रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर लगेंगे संकेतक बाहर से आने वाले यात्रियों और जरूरतमंदों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर रैन बसेरों की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। इनमें रैन बसेरे की दूरी और क्षमता का विवरण होगा। साथ ही, सभी रैन बसेरों की जियो टैगिंग (GIS) भी कराई जाएगी ताकि लोग तकनीक की मदद से भी वहां तक पहुंच सकें।

लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए डीएम ने परिवहन विभाग, एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर विभागीय लापरवाही से कोई दुर्घटना हुई, तो अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सड़कों पर रिफ्लेक्टर, जेब्रा क्रॉसिंग, सफेद पट्टियां और डिवाइडर पर पेंटिंग का काम तुरंत पूरा करने को कहा गया है।

गौवंश के लिए भी हो इंतजाम इंसानों के साथ-साथ बेजुबानों का भी ख्याल रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि गौशालाओं में गायों के लिए बिछावन, तिरपाल और चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो। बैठक में एडीएम (वित्त/राजस्व) विवेक चतुर्वेदी और आपदा विशेषज्ञ जुगबीर सिंह समेत सभी तहसील के अधिकारी मौजूद रहे।

ये भी पढ़े- राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत हुआ ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

Related Articles

AD
Back to top button