दुर्जनपुरवा में श्रीमद्भागवत कथा के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन,भक्तों ने छका प्रसाद
लगाए जयकारे, कथावाचक ने बताई कथा की महिमा

पुखरायां। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के मलासा विकासखंड के बिहार ग्राम पंचायत का मजरा दुर्जनपुरवा गांव में सात दिनों तक चली श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को हवन पूजन व भंडारे के साथ समापन हो गया।इस अवसर पर बुधवार को हवन पूजन का आयोजन किया गया।
बड़ी संख्या में भक्तों ने हवन कुंड में आहुति डाली।कथावाचक ने कथा के महत्व के विषय में बताया।उन्होंने कहा कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा।हवन यज्ञ से वायुमंडल शुद्ध होने के साथ साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है।यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं।
कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर को पार हो जाता है।जीव में भक्ति, ज्ञान,वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं।इसके श्रवण से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं और विचारों में बदलाव होने से व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है।हवन पूजन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।भंडारे में आशापुरवा, रायरामापुर,थनवापुर,बिहारी, दुर्जनपुरवा इत्यादि गांवों से बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और भगवान के जयकारे लगाए।
देर शाम तक भंडारे में भक्तों की भारी भींड देखने को मिली।इस मौके पर आयोजक सुभाष मिश्रा,रामशंकर,राजेश मिश्रा,प्रमोद मिश्रा,शंकर लाल मिश्रा,सुरेश कुमार प्रजापति,लल्ला सिंह,जगत सिंह यादव संचालक बाबा होटल,पूर्व प्रधान अशोक मिश्रा,राकेश तिवारी,विनोद पांडेय,शीलू अवस्थी,विकास तिवारी समेत बड़ी तादात में भक्तों ने भंडारे में मौजूद रहकर जयकारे लगाए।



