कानपुर देहात को मिली बड़ी सौगात: पुखरायाँ में खुलेगा ‘बचपन प्ले स्कूल’, निर्धन बच्चों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा
शिक्षा के क्षेत्र में जिले को एक नई पहचान मिलने जा रही है। देश की प्रतिष्ठित प्री-स्कूल श्रृंखला 'बचपन प्ले स्कूल' अपनी पहली शाखा पुखरायाँ में शुरू करने जा रहा है

कानपुर देहात/पुखरायाँ। शिक्षा के क्षेत्र में जिले को एक नई पहचान मिलने जा रही है। देश की प्रतिष्ठित प्री-स्कूल श्रृंखला ‘बचपन प्ले स्कूल’ अपनी पहली शाखा पुखरायाँ में शुरू करने जा रहा है। इस विद्यालय का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से बच्चों की नींव मजबूत करना और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है।
दिवंगत समाजसेवी विद्यासागर पांडेय की स्मृति में विशेष पहल
विद्यालय प्रबंधन ने एक अनुकरणीय निर्णय लेते हुए आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए 5 सीटें आरक्षित की हैं। इन बच्चों को क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं शिक्षाविद स्वर्गीय विद्यासागर पांडेय की स्मृति में ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। निदेशक श्रीमती निधि पाण्डेय ने बताया कि यह पहल उन प्रतिभावान बच्चों के लिए है जो संसाधनों के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक पाठ्यक्रम
वर्ष 2004 से संचालित ‘बचपन’ समूह अपने नवाचारों के लिए जाना जाता है। पुखरायाँ शाखा में बच्चों को निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी:
स्पीक-ओ-किट: बोलने वाली किताबों के जरिए सीखने का अनुभव।
वर्चुअल रियलिटी व रोबोटाइम: तकनीक के साथ प्रारंभिक परिचय।
स्मार्ट क्लासरूम और कॉन्सेप्ट रूम: गतिविधि आधारित और डिजिटल लर्निंग।
स्प्राउट पाठ्यक्रम: बच्चों के संवेदी और भावनात्मक विकास पर आधारित विशेष सिलेबस।
सीटों का विवरण
विद्यालय में कुल 150 सीटों का निर्धारण किया गया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
| कक्षा | निर्धारित सीटें
| प्ले ग्रुप | 50 सीटें |
| नर्सरी | 25 सीटें |
| एलकेजी (LKG) | 25 सीटें |
| यूकेजी (UKG) | 25 सीटें |
| आरक्षित (निशुल्क) | 05 सीटें |
निदेशक का संदेश: “हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का निर्माण करना है। हम पुखरायाँ के बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
श्रीमति निधि पाण्डेय, निदेशक
(बचपन प्ले स्कूल) यह नई शाखा न केवल कानपुर देहात में प्रारंभिक शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगी, बल्कि आधुनिक शिक्षा को हर वर्ग तक पहुँचाने का माध्यम भी बनेगी।



