मेधावियों का महासम्मान: आगरा के छात्रों पर बरसी सौगात, मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने बढ़ाया हौसला
आगरा कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तर के 20 मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल और 21 हजार रुपये का डमी चेक दिया गया।
आगरा में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहारों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की केंद्र एवं राज्यस्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों के लिए लखनऊ के लोकभवन में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश भर के 1,682 मेधावियों को सम्मानित किया गया। इस मुख्य आयोजन का सजीव प्रसारण आगरा के कलेक्ट्रेट सभागार में देखा और सुना गया, जिसने उपस्थित युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया।
जनपद स्तर पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गरिमामई कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, रानी पक्षालिका सिंह, चौधरी बाबूलाल, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और सीडीओ प्रतिभा सिंह मौजूद रहे। इन सभी अतिथियों की उपस्थिति में जनपद के 20 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया और चेक वितरित किए गए।
आगरा के 3 छात्रों को लखनऊ में मिला 1-1 लाख का पुरस्कार
इस बार आगरा जनपद का नाम रोशन करने वाले 3 विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर सम्मानित होने का गौरव मिला। इसमें यूपी बोर्ड हाईस्कूल के 2 और सीबीएसई बोर्ड इंटरमीडिएट का 1 छात्र शामिल है। इन तीनों राज्य स्तरीय मेधावियों को लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद अपने हाथों से 1 लाख रुपये की नकद राशि, 1 टैबलेट, 1 मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री से सम्मान पाते ही इन विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया।
जनपद स्तर पर 20 होनहारों को मिले 21-21 हजार रुपये
स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में जिले के कुल 20 मेधावी विद्यार्थियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा मंच पर सम्मानित किया गया। इनमें हाईस्कूल के अभिषेक कुमार, लोकेश, राधिका सहित कुल 9 छात्र और इंटरमीडिएट की काजल कुमार, अंजलि, जतिन कुमार, सपना सहित कुल 11 विद्यार्थी शामिल रहे। इन सभी होनहारों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र, मेडल और 21 हजार रुपये की धनराशि का डमी चेक प्रदान किया गया। अपने बच्चों की इस सफलता पर अभिभावकों की आंखें भी गर्व से नम नजर आईं।
सफलता अंतिम पड़ाव नहीं, लक्ष्य हमेशा ऊंचा रखें: योगेंद्र उपाध्याय
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी मेहनत नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और गुरुओं के त्याग और समर्पण का परिणाम होती है। हमारी भारतीय संस्कृति में इसीलिए माता, पिता और गुरु को देवतुल्य माना गया है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह सफलता आपकी शिक्षा यात्रा का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। जीवन में कभी भी उपलब्धियों से संतुष्ट होकर रुकना नहीं चाहिए। अगर कोई शत-प्रतिशत अंक भी लाता है, तो उसे आगे और बेहतर करने का लक्ष्य रखना चाहिए क्योंकि निरंतर प्रयास ही सफलता का मूल मंत्र है।
बच्चों पर अपनी इच्छाएं न थोपें अभिभावक: महापौर
कार्यक्रम में महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने सभी मेधावियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से एक खास अपील करते हुए कहा कि हर बच्चे के अंदर एक अनोखी प्रतिभा और रुचि होती है। माता-पिता को बच्चों की पसंद को समझना चाहिए और उसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उनका मार्गदर्शन करना चाहिए। बच्चों पर अपनी इच्छाएं थोपने के बजाय उनकी क्षमता के अनुरूप सहयोग देने से वे जीवन में अधिक सफल और संतुष्ट इंसान बन सकेंगे। इस अवसर पर डीआइओएस चंद्रशेखर, पीडीडीआरडीए रेनू सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



