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रामलीला महोत्सव: धनुष भंग लीला का भव्य मंचन, राम-सीता विवाह पर गूंजे जयकारे

औद्योगिक क्षेत्र रनिया कस्बा के रनिया बाजार में श्री रामलीला समिति द्वारा कराई जा रही भव्य रामलीला के दूसरे दिन धनुष भंग लीला का मंचन हुआ।

Story Highlights
  • राम-लक्ष्मण और परशुराम के संवाद ने बांधा समां, दर्शकों ने की जय श्रीराम के नारों से फूलों की वर्षा

रनियां। औद्योगिक क्षेत्र रनिया कस्बा के रनिया बाजार में श्री रामलीला समिति द्वारा कराई जा रही भव्य रामलीला के दूसरे दिन धनुष भंग लीला का मंचन हुआ। कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा नेता सतीश शुक्ला, रवि शुक्ला, चेयरमैन विटान दिवाकर, राम किशोर दिवाकर, विष्णु कुमार गुप्ता ने राम लक्ष्मण की आरती की। इसके बाद भाजपा नेता सतीश शुक्ला, रवि शुक्ला, रनिया नगर पंचायत चेयरमैन बिटान दिवाकर, प्रतिनिधि रामकिशोर दिवाकर, समाजसेवी विष्णु कुमार गुप्ता, पप्पू शर्मा, सुरेश त्रिपाठी का कमेटी के जीतू यादव, सचिन शर्मा, सोनू गुप्ता, अश्विनी चौबे ने माल्यार्पण कर पगड़ी पहनाकर व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

वहीं मंच का संचालन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष भाजपा के रनिया मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा ने किया। इसके बाद धनुष भंग लीला का मंचन हुआ। इसमें शिव धनुष टूटते ही परशुराम प्रकट होते हैं। उसके बाद लक्ष्मण परशुराम के बीच तार्किक संवाद हुआ। परशुराम ने भगवान राम से कहा कि राम रमापति करधन ले, खींचेहूं चाप मिटे संदेहू। यह सुनते ही लोग श्री राम के जय जयकार करने लगे।

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मध्य रात के समय रावण और बाणासुर का तार्किक संवाद हुआ। बाद में राम और सीता का विवाह हुआ। दर्शकों ने फूलों की वर्षा के साथ जय श्रीराम के जयकारे लगाए। धनुष टूटने पर भगवान परशुराम का आगमन होता है। टूटे हुए पिनाक को देख परशुराम क्रोधित होते हैं। इसी बीच राम कहते हैं कि धनुष तोड़ने वाला आपका ही कोई दास होगा। इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच तार्किक संवाद हुआ अंत में परशुराम का धनुष राम के लेते ही उसकी चाप आपही चढ़ गई।

परशुराम ने राम को नारायण के रूप में पहचान और प्रणाम किया। राम की भूमिका में विशाल अग्निहोत्री, लक्ष्मण की भूमिका में मनोज पाण्डेय परशुराम की भूमिका में त्रिभुवन चतुर्वेदी, व्यास की भूमिका में आनंद शर्मा और रावण की भूमिका सुधांशु शर्मा ने निभाई। इस दौरान उमाशंकर गुप्ता, रोहित गुप्ता, सचिन शर्मा, दयाशंकर गुप्ता, अनिल पाल, रमाकांत कश्यप, राजकुमार मिश्रा, विनय कुमार शर्मा, तरुण शर्मा, सुरेश सक्सेना, श्रवण कुमार कुशवाहा आदि रहे।

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