कानपुर देहात: मार्कशीट की तरह जांची जाएगी अफसरों की रिपोर्ट, समाधान दिवस में डीएम ने चेताया- टालमटोल की तो खैर नहीं
सिकंदरा में कुल 72 में से केवल 1 शिकायत का मौके पर निपटारा, शेष मामलों में जमीनी जांच के आदेश

कानपुर देहात। जनपद की सिकंदरा तहसील में शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक अधिकारियों का कड़ा रुख देखने को मिला। जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय और अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह ने संयुक्त रूप से आमजन की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान तहसील में कुल 72 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से केवल एक शिकायत का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अफसरों को हिदायत दी कि शेष सभी शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और फरियादी की संतुष्टि को सबसे ऊपर रखा जाए। उन्होंने साफ किया कि हर शिकायत का मौके पर जाकर भौतिक परीक्षण किया जाएगा और समाधान के बाद शिकायतकर्ता से बात कर उसका रीयल-टाइम फीडबैक भी लिया जाएगा। निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या टालमटोल पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भूमि विवाद से जुड़े संवेदनशील मामलों के लिए डीएम ने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजकर समयबद्ध ढंग से मामले निपटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री संदर्भ, आईजीआरएस और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आने वाले पत्रों की समीक्षा कर उनके त्वरित निस्तारण पर बल दिया। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने दफ्तरों में रोजाना सुबह 10 से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करने और जनता से शिष्ट व्यवहार करने को कहा। समाधान दिवस के दौरान अफसरों को जल जीवन मिशन की परियोजनाओं, स्थानीय गौशालाओं का निरीक्षण करने और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई।



