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लोक अदालत का आयोजन पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाने के लिए : सम्पत लाल यादव

जनपद में लोक अदालत का आयोजन 14 तारीख को किया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित को आसान और त्वरित न्याय दिलाना है।

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  • 14 मई को है लोक अदालत,अधिवक्ताओं ने गोष्ठी में की चर्चा
कानपुर देहात,सुशील त्रिवेदी। जनपद में लोक अदालत का आयोजन 14 तारीख को किया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित को आसान और त्वरित न्याय दिलाना है।लोक अदालत का आदेश या फैसला आखिरी होता है, इसके फैसले के बाद कहीं अपील नहीं की जा सकती यह बात एकीकृत बार एसोसिएशन अध्यक्ष सम्पत लाल यादव ने लोक अदालत और उसके  लाभ विषय पर जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित गोष्ठी में कही।
उन्होंने कहाकि लोक अदालत कम से कम वक्त में विवादों को निपटाने के लिए एक आसान और अनौपचारिक प्रक्रिया का पालन करता है।वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र द्विवेदी ने कहाकि लोक अदालत सभी दीवानी मामलों, वैवाहिक विवाद, भूमि विवाद, बंटवारे या संपत्ति विवाद, श्रम विवाद आदि गैर-आपराधिक मामलों का निपटारा करती है।कानपुर देहात बार एसोसिएशन के संस्थापक महामन्त्री वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि लोक अदालत सुलह कराने की नियत से शुरू की गई थी. यह ऐसा तंत्र है जिसके जरिए कानूनी विवादों को अदालत के बाहर हल कर लिया जाता है।
श्री चौहान ने बताया कि लोक अदालत को ऐसे किसी मामले या वाद पर अधिकारिता प्राप्त नहीं है जिसमें कोई अशमनीय अपराध किया गया हो। ऐसे प्रकरण जो न्यायालय में लम्बित पड़े हों, पक्षकारों द्वारा न्यायालय की अनुज्ञा के बिना लोक अदालत में नहीं लाये जा सकते। जिला बार एसोसिएशन पूर्व महामन्त्री मुलायम सिंह यादव ने कहाकि लोक अदालत में मुकदमों के निबटारे के प्रमुख फायदों में वकील पर खर्च नहीं होता। कोर्ट-फीस नहीं लगती। पुराने मुकदमें की कोर्ट-फीस वापस हो जाती है।किसी पक्ष को सजा नहीं होती। मामले को बातचीत द्वारा सफाई से हल कर लिया जाता है।मुआवजा और हर्जाना तुरन्त मिल जाता है।
मामले का निपटारा तुरन्त हो जाता है।सभी को आसानी से न्‍याय मिल जाता है। फैसला अन्तिम होता है।फैसला के विरूद्ध कहीं अपील नहीं होती है।इस अवसर पर वक्ताओं ने जनता से अपील की कि दिनांक 14 मई 2022 को जनपद न्यायालय कानपुर देहात में आयोजित हो रही राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का फायदा उठावें। बताया कि यदि किसी के पास अधिवक्ता न हो तो मानक अनुरूप  जिला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता की मांग करें वहाँ से निशुल्क अधिवक्ता मिलने का प्राविधान है। प्रमुख रूप से रमेश चन्द्र सिंह गौर, रनवीर सिंह,सुभाष चन्द्र श्रीमती प्रभा यादव धर्मेन्द्र सिंह घनश्याम सिंह राठौर अनूप सिंह योगेन्द्र प्रताप सिंह रघुनन्दन निषाद सौरभ योगेश शर्मा सुरेश कमल अजहर अब्दुल सलाम जितेन्द्र बाबू रहे।

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