होमगार्ड समेत ग्रामीणों ने यमुना नदी में डूब रही मां बेटी को बचाया
थाना प्रभारी ने साहसिक कार्य के लिए किया सम्मानित, मुख्यमंत्री सम्मान के लिए की पहल

कानपुर देहात के राजपुर थाना क्षेत्र के खोजारामपुर में बीते मंगलवार को यमुना नदी में डूब रही एक मां बेटी को होमगार्ड जवान और दो ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचा लिया।इस साहसिक कार्य के लिए थाना प्रभारी सनत कुमार ने तीनों को सम्मानित किया है और उनके नाम मुख्यमंत्री सम्मान के लिए भेजने की पहल की है।घटना कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेला के अवसर पर हुई जब यमुना में स्नान करने वालों की भारी भींड उमड़ी थी।
खोजारामपुर की रहने वाली 42 वर्षीय आशा देवी अपनी 20 वर्षीय बेटी काजल के साथ यमुना नदी में डुबकी लगाने गई थी।डुबकी लगाने के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी की ओर जाने लगीं।मां बेटी ने मदद की गुहार लगाई।आसपास के लोगों ने भी शोर मचाया।यह देख मौके पर ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान लल्लन ने तुरंत बिना अपनी जान की परवाह किए यमुना नदी में छलांग लगा दी।उनके साथ ही गांव के सुखलाल और सुरेंद्र भी मां बेटी को बचाने के लिए नदी में कूद गए।
तीनों ने मिलकर मां बेटी को सुरक्षित बाहर निकाला।इस घटना को देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने इन तीनों व्यक्तियों की साहसिक कार्य के लिए सराहना की।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सनत कुमार ने तीनों को थाने में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।थाना प्रभारी ने तीनों की इस साहसिक कार्य के लिए जमकर सराहना की।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से इन लोगों ने अपनी जान पर खेलकर दो जिंदगियां बचाईं।यह अत्यंत प्रशंसनीय है।थाना प्रभारी ने बताया कि इन तीनों के नाम जिले पर भेजे जाएंगे और मुख्यमंत्री सम्मान से पुरस्कृत किए जाने के लिए भी पहल की जाएगी।



