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जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न — पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 नकलविहीन व शांतिपूर्ण माहौल में कराने के निर्देश

जिलाधिकारी ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था पर दिया बल, दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधा, परीक्षा में स्क्राइबर की बायोमैट्रिक जांच अनिवार्य

कानपुर देहात: कानपुर देहात में आगामी 12 अक्टूबर 2025 (रविवार) को आयोजित होने वाली सम्मिलित राज्य / प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा–2025 को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज मा० मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में समस्त स्टैटिक, सेक्टर व केंद्र व्यवस्थापकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, समस्त केंद्र व्यवस्थापक, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गोपनीयता में चूक पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र खुलते समय अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और परीक्षा की प्रत्येक प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि समस्त स्टेटिक मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करें कि आयोग से प्राप्त होने वाले प्रश्न पत्र व ओएमआर शीट पूर्ण सीसीटीवी निगरानी में सुरक्षित रखे जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक अपने अंतर निरीक्षकों से नियमित संवाद बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि आयोग से प्राप्त प्रत्येक दिशा-निर्देश का अक्षरशः पालन हो।
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल, महिला पुलिस कर्मी को सतर्क रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केन्द्रों पर प्रवेश के समय हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग की जाएगी। परीक्षा के दौरान केन्द्रों के आस-पास धारा 163 लागू रहेगी तथा किसी भी गैर-अभ्यर्थी की अनधिकृत उपस्थिति पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सभी केन्द्रों पर पर्याप्त पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे व रात्रिकालीन गश्त की व्यवस्था की जाएगी। जिलाधिकारी ने एआरएम रोडवेज के प्रतिनिधि को निर्देश दिए कि जनपद मुख्यालय व दूरस्थ परीक्षा केंद्रों तक अभ्यर्थियों के सुगम आवागमन हेतु पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने, मार्गों पर जाम न लगने देने तथा बस स्टेशनों पर यात्री सुविधा बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, बैग आदि वस्तुओं के रखरखाव हेतु टोकन या लॉकर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्र से 200 मीटर परिधि के बाहर ही अभ्यर्थियों एवं अभिभावकों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की जाए तथा उसकी क्वालिटी जांच भी कराई जाए।
सभी केंद्रों पर उचित पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा व स्वच्छता की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से प्राप्त दिशा-निर्देशों को सभी केंद्र व्यवस्थापकों एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को विस्तार से समझा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के प्रवेश पर अनुचित सामग्री की सघन जांच और परीक्षा समाप्ति के बाद ओएमआर शीट की निगरानी अनिवार्य रूप से की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि लोक सेवा आयोग से प्राप्त निर्देशों के क्रम में दिव्यांग अभ्यर्थियों को उसी कक्ष में, जहाँ अन्य परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं, कोने में उचित स्थान दिया जाए ताकि उनकी लाइव सीसीटीवी निगरानी हो सके। यदि यह संभव न हो तो उन्हें कंट्रोल रूम में बैठाया जाएगा।
स्क्राइबर की भी बायोमैट्रिक जांच, आईडी सत्यापन एवं संयुक्त फोटोग्राफ लेकर आयोग को भेजा जाएगा। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि “निष्पक्ष, नकलविहीन और शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि परीक्षा से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था — प्रश्नपत्र की सुरक्षा से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन तक — पूर्ण पारदर्शिता और सतर्कता के साथ हो।”

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