कानपुर : जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण: नलकूप खंड के 7 कर्मचारी मिले नदारद, वेतन रोकने के साथ अधिशासी अभियंता से जवाब तलब
जिलाधिकारी ने गोविंद नगर स्थित नलकूप खंड प्रथम का दोपहर 1:30 बजे औचक निरीक्षण किया।

कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज सरकारी दफ्तरों में कार्यसंस्कृति सुधारने के उद्देश्य से गोविंद नगर स्थित नलकूप खंड प्रथम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। दोपहर लगभग 1:30 बजे हुए इस औचक निरीक्षण से कार्यालय में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान सात कार्मिक अपनी कुर्सी से गायब मिले, जिस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उनका एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
बीएलओ ड्यूटी के नाम पर घर में आराम कर रहे थे कर्मचारी
निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए कार्मिकों में भुवनेंद्र कुमार, मोहम्मद मोइन, सुनीता शुक्ला, प्रियंका देवी, योगेंद्र कुमार, रेशम देवी तथा विकास साहू शामिल हैं। खास बात यह रही कि कर्मचारी भुवनेंद्र कुमार की अनुपस्थिति का कारण बीएलओ ड्यूटी बताया गया था। जब जिलाधिकारी ने मोबाइल पर उनसे संपर्क किया, तो सच सामने आ गया कि वे दोपहर 1:30 बजे तक अपने घर पर ही थे और बीएलओ संबंधी कोई कार्य नहीं किया गया था। इस लापरवाही को जिलाधिकारी ने बेहद गंभीरता से लिया है।
मूवमेंट रजिस्टर गायब होने पर जताई कड़ी नाराजगी
जिलाधिकारी ने जब कार्यालय का मूवमेंट रजिस्टर मांगा, तो कर्मचारी उसे उपलब्ध नहीं करा सके। इस घोर अव्यवस्था पर जिलाधिकारी ने फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि बिना मूवमेंट रजिस्टर में अंकन किए कोई भी कर्मचारी कार्यालय नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कार्यालय परिसर में गंदगी देखकर साफ-सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की चेतावनी भी दी।
अधिशासी अभियंता की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
कार्यालय में फैली अव्यवस्था और कर्मचारियों की मनमानी को देखते हुए जिलाधिकारी ने नलकूप खंड-एक के अधिशासी अभियंता से भी स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से अन्य सरकारी विभागों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
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