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रनिया पुलिस का अदम्य साहस: धधकती आग के बीच कूदे थाना प्रभारी और जांबाज सिपाही, टला बड़ा हादसा

जांबाजी को सलाम: रनिया पुलिस की तत्परता ने बचाई करोड़ों की संपत्ति, ग्रामीणों ने की सराहना

रनिया, कानपुर देहात। औद्योगिक क्षेत्र रनिया के रायपुर धन्जुआ रोड पर शनिवार देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक कई वर्षों से बंद पड़ी माइक्रोनी फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग लग गई। फैक्ट्री परिसर में उगी बड़ी-बड़ी घास ने देखते ही देखते विकराल लपटों का रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास के ग्रामीण दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही रनिया पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दमकल के पहुँचने से पहले ही आग पर काबू पाकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 12 बजे फैक्ट्री के अंदर झाड़ियों में अचानक आग भड़क उठी। ग्रामीणों की सूचना पर रनिया थाना प्रभारी दिनेश कुमार गौतम डायल 112 और भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने दमकल का इंतजार करने के बजाय खुद मोर्चा संभाला। उनके साथ मौजूद जांबाज सिपाही नरेंद्र सिंह राणा, हेड कांस्टेबल सत्येंद्र पटेल और संजय भदौरिया ने धधकती लपटों के बीच घुसकर भरसक प्रयास किया और आग को बुझाना शुरू किया।

पुलिसकर्मियों की इस जांबाजी का परिणाम रहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुँचने से पहले ही आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। थाना प्रभारी दिनेश कुमार गौतम ने बताया कि फैक्ट्री लंबे समय से बंद थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से गर्मी के मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है। पुलिस की इस तत्परता और अदम्य साहस की स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है।

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