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यूपी बीएड एंट्रेंस का रिजल्ट घोषित: अलीगढ़ की वन्दना सिंह बनीं प्रदेश टॉपर, देखें टॉप 10 की लिस्ट

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी ने जारी किया परिणाम, एआई और हाईटेक कैमरों की निगरानी में हुई थी परीक्षा

Story Highlights
  • उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सफल अभ्यर्थियों को दी बधाई, राष्ट्र निर्माण में योगदान का किया आह्वान
  • 72 जिलों के 1011 केंद्रों पर पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से सम्पन्न हुई बी.एड. प्रवेश परीक्षा
  • एआई और बायोमेट्रिक तकनीक के प्रयोग से हुई परीक्षा की निगरानी, 22 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
  • लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति, कासगंज और पीलीभीत रहे सबसे आगे
  • चार लाख से अधिक अभ्यर्थियों को जारी हुई रैंक, महिलाओं की संख्या रही सर्वाधिक
  • वीडियो कॉल के माध्यम से टॉपर्स से रूबरू हुए मंत्री और अधिकारी, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पुस्तकालय भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय के हाथों इस परीक्षा का परिणाम जारी किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति मुकेश पांडे, आरएमएल विधि विश्वविद्यालय के कुलपति अमरपाल सिंह और प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमके अग्रवाल उपस्थित रहे। परिणाम जारी होने के तुरंत बाद मंत्रियों और उच्च अधिकारियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से परीक्षा के टॉपर्स से सीधा संवाद किया, उन्हें बधाई दी और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।

सफल अभ्यर्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण होकर युवाओं ने अपने उज्ज्वल भविष्य की राह चुनी है। उन्होंने माता-पिता के त्याग और गुरुओं के मार्गदर्शन को इस सफलता की नींव बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रति समर्पित रहना हर नागरिक का कर्तव्य है और अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाना ही सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी को इस बात के लिए विशेष रूप से सराहा कि उन्होंने एआई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर एक अभेद्य परीक्षा प्रणाली तैयार की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश में नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षाएं कराने का एक नया दौर शुरू हुआ है।

राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने भी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अभ्यर्थियों का ज्ञान, अनुभव और समर्पण उन्हें जीवन में एक अलग पहचान दिलाएगा। उन्होंने सफल आयोजन के लिए पूरी टीम की पीठ थपथपाई।

इस बार परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी को सौंपी गई थी। विश्वविद्यालय ने बीती 31 मई 2026 को प्रदेश के 72 जिलों में बनाए गए 1011 केंद्रों पर दो पालियों में इस परीक्षा को पूरी शुचिता और गोपनीयता के साथ संपन्न कराया था। इस राज्य स्तरीय परीक्षा के लिए कुल 4,44,958 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक 2,72,659 थी, जबकि 1,72,297 पुरुष और 2 ट्रांसजेंडर शामिल थे। श्रेणीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सामान्य वर्ग के 2,36,272, अन्य पिछड़ा वर्ग के 1,32,217, अनुसूचित जाति के 72,128, अनुसूचित जनजाति के 1,341 oars 2,448 दिव्यांगजन अभ्यर्थी पंजीकृत थे।

परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति काफी शानदार रही और कुल उपस्थिति लगभग 90 प्रतिशत दर्ज की गई। पहली पाली में 4,00,499 और दूसरी पाली में 4,00,756 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। जिलों की बात करें तो कासगंज और पीलीभीत में सबसे ज्यादा 95 प्रतिशत उपस्थिति रही, जबकि गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सबसे कम 84 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।

इस बार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और नकलविहीन बनाने के लिए तकनीक का ऐतिहासिक प्रयोग किया गया। एक हाईटेक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाकर सभी 1011 केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके लिए पूरे प्रदेश में 22 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 5,651 बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई थीं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल टाइम बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के जरिए सभी अभ्यर्थियों की चेहरे की पहचान और फिंगरप्रिंट अटेंडेंस ली गई। स्ट्रांग रूम से लेकर परीक्षा कक्ष और एंट्री-एग्जिट गेट तक एआई कैमरों की सीधी नजर थी। इसके अलावा सभी केंद्रों से रियल टाइम संपर्क के लिए वीओआईपी आधारित सिस्टम का उपयोग हुआ और विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को जीपीएस वाले बॉडी बॉर्न कैमरे दिए गए। मुस्तैदी का असर यह रहा कि परीक्षा के दौरान गड़बड़ी करते पकड़े गए 4 अभ्यर्थियों का परिणाम तुरंत निरस्त कर दिया गया।

ओएमआर उत्तर पत्रकों की डबल स्कैनिंग और इमेज स्कैनिंग के बाद कुल 4,00,107 अभ्यर्थियों की रैंक जारी की गई है। इनमें 1,53,612 पुरुष, 2,46,494 महिलाएं और 1 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। अगर विषयों के हिसाब से देखें तो कला वर्ग में सबसे ज्यादा 2,48,452, विज्ञान वर्ग में 1,28,018, वाणिज्य वर्ग में 20,514 और कृषि वर्ग में 3,771 अभ्यर्थी शामिल हैं।

इस साल के टॉपर्स की बात करें तो शीर्ष 10 में 4 पुरुषों और 6 महिलाओं ने अपनी जगह बनाई है। अलीगढ़ की रहने वाली विज्ञान वर्ग की छात्रा वन्दना सिंह ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर टॉप किया है। अलीगढ़ के ही विज्ञान वर्ग के नितिन पचौरी को दूसरा स्थान मिला है, जबकि जौनपुर की विज्ञान वर्ग की मिश्रा खुशी अजय ने तीसरा स्थान हासिल कर जिला और परिवार का नाम रोशन किया है।

परिणाम घोषणा के इस मौके पर मुख्य सलाहकार एसपी सिंह, राज्य समन्वयक सौरव श्रीवास्तव, सह राज्य समन्वयक डीके भट्ट, काव्या दुबे, कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर और वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह सहित कई शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।


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