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लखनऊ: योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, यूपी में खुलेंगे तीन नए निजी विश्वविद्यालय, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

वर्ष 2017 के बाद शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 8 सरकारी और 28 से अधिक निजी विश्वविद्यालयों का हुआ विस्तार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर देने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है। इस बैठक में निजी क्षेत्र के अंतर्गत तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में व्यापक सुधार होगा।

लखनऊ के लोक भवन मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के कड़े मानकों पर मूल्यांकन करने के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) और संचालन प्राधिकार-पत्र जारी करने का प्रस्ताव पास किया गया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है।

इन तीन जिलों में स्थापित होंगे नए विश्वविद्यालय

कैबिनेट से स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश के तीन अलग-अलग क्षेत्रों में इन विश्वविद्यालयों का निर्माण किया जाएगा:

  • कानपुर नगर (बिल्हौर): प्रायोजक संस्था ‘स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली’ द्वारा तहसील बिल्हौर के ग्राम गदनपुर आहार में लगभग 51.739 एकड़ भूमि पर इस विश्वविद्यालय को तैयार किया जाएगा। यह मुख्य रूप से एक कृषि आधारित विश्वविद्यालय होगा, जो सूबे में कृषि शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा देगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश, 2026 प्रख्यापित किया जाएगा।

  • गाजियाबाद (डासना): ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद’ द्वारा ग्राम डासना में 26.2656 एकड़ भूमि पर इसकी स्थापना की जाएगी। यह संस्था पहले से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज चला रही है, और अब विश्वविद्यालय बनने से दिल्ली-एनसीआर के छात्रों को उच्च शिक्षा के नए विकल्प मिलेंगे। इसके लिए तृतीय संशोधन अध्यादेश लाया जाएगा।

  • फतेहपुर: प्रायोजक संस्था ‘एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर’ द्वारा कस्बा फतेहपुर दक्षिणी में 20.45 एकड़ भूमि पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जो शहरी क्षेत्र के सभी तय मानकों को पूरा करता है। इसके लिए पंचम संशोधन अध्यादेश, 2026 प्रख्यापित होगा।

2017 के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगी बड़ी छलांग

उच्च शिक्षा मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि राज्य में शैक्षिक माहौल तेजी से बदल रहा है। अंग्रेजों के समय से लेकर साल 2017 तक उत्तर प्रदेश में केवल 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 8 नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। इसी तरह साल 2017 तक राज्य में सिर्फ 27 निजी विश्वविद्यालय संचालित थे, जिनकी संख्या अब इन तीन नए संस्थानों की मंजूरी के बाद बढ़कर 56 हो जाएगी। इन सभी प्रस्तावित विश्वविद्यालयों के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर युवाओं को आधुनिक, शोधपरक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।


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