शाहूजी महाराज के 50 फीसदी आरक्षण लागू करने के 124 वर्ष पूरे होने पर लखनऊ में भव्य धम्म अधिवेशन, कानपुर से पहुँचा प्रतिनिधिमंडल
सहकारिता भवन में राष्ट्रीय बौद्ध महासभा का बड़ा आयोजन, कोरी समाज संगठन के नेतृत्व में कानपुर के प्रतिनिधियों ने दर्ज कराई उपस्थिति

राजेश कटियार, लखनऊ/कानपुर। सहकारिता भवन लखनऊ में राष्ट्रीय बौद्ध महासभा उत्तर प्रदेश इकाई के तत्वावधान में एक दिवसीय भव्य धम्म अधिवेशन का आयोजन किया गया। यह विशेष अधिवेशन राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज द्वारा दलितों और पिछड़ों के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू किए जाने की 124वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
आयोजकों के निमंत्रण पर कोरी समाज संगठन (कानपुर नगर/देहात) के नेतृत्व में कानपुर के विभिन्न सामाजिक संगठनों का एक बड़ा दल बस द्वारा लखनऊ पहुँचा और कार्यक्रम में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। अधिवेशन के मुख्य अतिथि आरबीएम के संस्थापक धर्म प्रकाश भारतीय जी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय वी. एस. बौद्ध ने की तथा मंच का कुशल संचालन माननीय सरोज कुमार बौद्ध जी द्वारा किया गया।
वक्ताओं ने छत्रपति शाहूजी महाराज के ऐतिहासिक निर्णय को याद करने के साथ-साथ तथागत गौतम बुद्ध, सतगुरु कबीर साहब, विश्व रत्न डॉ. बी. आर. अंबेडकर, राष्ट्रपिता ज्योतिबा राव फुले एवं माता सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला और सामाजिक एकजुटता का संकल्प लिया। मंच संचालन के दौरान कोरी समाज संगठन के शैलेंद्र भारतीय को विचार रखने का अवसर मिला जहाँ उन्होंने समाज की प्रगति और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर दिया।
अधिवेशन में सैकड़ों पूज्य भंते गण और भारी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों के लिए भोजन की भी सुचारू व्यवस्था की गई थी। अधिवेशन में कानपुर नगर से प्रमुख रूप से सरोज कुमार बौद्ध, विश्वनाथ प्रसाद (एडवोकेट), तुलाराम कमल, शैलेंद्र भारतीय, राम बहादुर कमल, महेश बाबू कमल, मोहनलाल कमल, ब्रजकिशोर कमल, गंगा महेश कमल, श्यामलाल कमल, ब्रजकिशोर शाक्य, दिलीप कमल और आर. के. वर्मा सहित अनेक सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।



