आरएसएस 1.5 अरब लोगों पर अपनी सोच नहीं थोप सकता, राहुल गांधी का बड़ा वैचारिक हमला
महात्मा गांधी के स्वराज और अमेरिकी स्वतंत्रता की तुलना करते हुए डोनाल्ड ट्रंप का भी दिया उदाहरण
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर तीखा वैचारिक प्रहार किया है। नई दिल्ली में राजीव गांधी के विजन पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में असल लड़ाई राजनीति या मीडिया की नहीं, बल्कि विचारों की है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था पर नियंत्रण रखने वाला एक छोटा समूह पूरे देश के लोगों पर अपना नजरिया थोपने का प्रयास कर रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी संगठन यह दावा नहीं कर सकता कि वह देश के 1.5 अरब नागरिकों का सच जानता है। हर व्यक्ति का जीवन, अनुभव और संघर्ष अलग होता है, इसलिए हर किसी को अपनी राह चुनने की आजादी होनी चाहिए। महात्मा गांधी की आत्मकथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी ने भी अपने अनुभवों को सत्य के प्रयोग कहा था, न कि अंतिम सत्य।
विपक्षी नेता ने अल्पसंख्यकों, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हर नागरिक को देश में सम्मान और बराबरी का अहसास होना चाहिए। उन्होंने पश्चिमी अवधारणा फ्रीडम और भारतीय अवधारणा स्वराज का अंतर समझाते हुए कहा कि स्वराज का अर्थ खुद पर नियंत्रण और आत्म-अनुशासन है।
ये भी पढे- पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, राहुल गांधी से माफी की मांग



