शिक्षकों की सक्रियता से ही हासिल होगा निपुण भारत का लक्ष्य, संकुल बैठक को औपचारिकता न बनाएं: बीएसए कानपुर देहात
सरवनखेड़ा के सीधामऊ और स्योदा विद्यालय में बैठक, बच्चों को निपुण बनाने और टीएलएम के उपयोग पर जोर
राजेश कटियार, कानपुर देहात। प्राथमिक शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जनपद कानपुर देहात के विकासखंड सरवनखेड़ा में एक महत्वपूर्ण शिक्षक संकुल बैठक का आयोजन किया गया। 18 अगस्त 2026 को प्राथमिक विद्यालय सीधामऊ एवं संविलियन विद्यालय स्योदा में आयोजित इस बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्वयं प्रतिभाग कर विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता और ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक संकुल बैठकों का आयोजन केवल कागजी कार्यवाही या औपचारिकता मात्र नहीं होना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि इन बैठकों को विद्यालयों की वास्तविक अकादमिक समस्याओं और बच्चों के सीखने के स्तर में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करने का मंच बनाया जाए। उन्होंने कहा बैठकों में केवल आंकड़े प्रस्तुत करने के बजाय कक्षाओं की वास्तविक स्थिति, बच्चों की उपस्थिति और उनके अधिगम स्तर में आ रही बाधाओं को चिन्हित कर प्रभावी समाधान निकाला जाए।
प्राथमिक स्तर के प्रत्येक छात्र-छात्रा को भाषा और गणित की बुनियादी समझ में दक्ष (निपुण) बनाने के लिए विशेष शिक्षण रणनीतियों पर काम किया जाए। शिक्षण कार्य में टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) के नियमित प्रयोग और बाल-केन्द्रित गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक बच्चे के सीखने की प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए ताकि पीछे छूट रहे बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा सके। बीएसए ने संकुल शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र की नींव प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाओं में ही रखी जाती है।
यदि शिक्षक निष्ठा और नवाचार के साथ प्रयास करेंगे, तो जिले के प्रत्येक विद्यालय को समय सीमा के भीतर निपुण विद्यालय का दर्जा हासिल हो जाएगा। सरवनखेड़ा खंड शिक्षा अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने शिक्षक संकुलों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बीएसए द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें और अपने-अपने विद्यालयों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपुण विद्यालय बनाने के लिए समर्पित होकर कार्य करें। बैठक के समापन पर उपस्थित समस्त शिक्षक संकुलों और प्रधानाध्यापकों ने दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने तथा अपने-अपने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।



