सिकंदरा: 8 घंटे की जगह 24 घंटे ड्यूटी और वेतन में देरी, कानपुर देहात में बिजली संविदा कर्मियों का बड़ा कदम
सिकंदरा विद्युत उपखंड में बिना सुरक्षा और प्रशिक्षण के जोखिम भरी लाइनों पर काम कराने का आरोप, अधिकारियों को सौंपा शिकायती पत्र
कानपुर देहात: जनपद के सिकंदरा विद्युत वितरण उपखंड में तैनात संविदा लाइन कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर उपखंड अधिकारी को शिकायती व मांग पत्र सौंपा है। संविदा कर्मियों का आरोप है कि सेवा शर्तों के अनुसार उनसे प्रतिदिन 8 घंटे ही कार्य लिया जाना चाहिए, लेकिन उपखंड में उनसे 24 घंटे तक काम कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उनकी ड्यूटी तय रोस्टर और शिफ्ट के अनुसार ही निर्धारित समय के लिए लगाई जाए।
कर्मियों के अनुसार उन्हें महीने में 26 दिन और प्रतिदिन 8 घंटे के हिसाब से भुगतान किया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर उनसे पूरे 30 दिन और 24 घंटे काम लिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वेतन भुगतान में हो रही लगातार देरी पर भी कर्मचारियों ने गहरी नाराजगी जताई है। विभागीय व्यवस्था के अनुसार हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान हो जाना चाहिए, लेकिन सिकंदरा उपखंड में यह भुगतान 15 से 20 तारीख या उसके भी बाद तक लटक जाता है, जिससे कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।
शिकायती पत्र में सुरक्षा को लेकर भी गंभीर बिंदु उठाए गए हैं। आरोप है कि हाई टेंशन और लो टेंशन लाइनों पर ऐसे कर्मचारियों से भी जबरन कार्य कराया जाता है, जो पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं हैं। जोखिम भरे कार्य से मना करने पर नौकरी से हटाने का दबाव बनाया जाता है। इसके साथ ही लाइन पर कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर प्रभावित कर्मचारियों को किसी प्रकार का मुआवजा या चिकित्सीय सहायता नहीं दी जाती है। बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के कर्मियों को हटाने की मनमानी पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।
संविदा कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कर्मचारी को सेवा से पृथक करने से पहले विधिवत नोटिस और चेतावनी दी जाए तथा समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। यदि विभाग ने इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो सभी संविदा कर्मी केवल आपातकालीन सेवाओं में ही सहयोग करेंगे।



