अपराध नियंत्रण की दिशा में सिकंदरा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के निर्देशन में जनपद कानपुर देहात में अपराध नियंत्रण की दिशा में घटनाओं की रोकथाम व खुलाशे हेतु थाना सिकंदरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है

पुखरायां।पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के निर्देशन में जनपद कानपुर देहात में अपराध नियंत्रण की दिशा में घटनाओं की रोकथाम व खुलाशे हेतु थाना सिकंदरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस ने थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना का सफल अनावरण करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटे गए रुपयों में से 1950 रुपए नगद बरामद किए हैं।थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि बीते 18 जून को वार्ड नंबर 10 प्रताप नगर कस्बा डेरापुर निवासी मोहम्मद तालिब की शिकायत पर थाना सिकंदरा पर 04 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मारपीट कर एक मोबाइल वीवो,तीन हजार रुपए नगदी लूट लिए जाने व उसके बैंक खाते से 7300 रुपए यूपीआई के माध्यम से अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए जाने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे।रविवार को पुलिस ने कार्यवाही करते हुए लूट की घटना में नाम प्रकाश में आए एक आरोपी को मुखबिर की सूचना पर थाना क्षेत्र के राजपुर रोड बुधौली मोड से गिरफ्तार कर लिया।आरोपी की पहचान अभिनय खन्ना उर्फ अभि खन्ना निवासी मिर्जामंडी डॉक्टर नरेश मैहर अस्पताल के पास कालपी थाना जालौन के रूप में हुई है।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटी गई रकम में से 1950 रुपए नगद बरामद किए हैं।पुलिस पूछतांछ में आरोपी ने कुबूल किया कि बीते 15 जून की रात्रि को वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ चार पहिया गाड़ी से सिकंदरा कस्बे में आयोजित उर्स मेला क़व्वाली का कार्यक्रम देखने आया था।16 जून की रात्रि करीब तीन बजे वापस जाते समय उन्हें हाइवे से सर्विस रोड पार खेतों की तरफ एक युवक जाता दिखाई दिया।तभी उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से खेत में जाकर उस व्यक्ति से मारपीट कर उसका मोबाइल व 3 हजार रुपए नगद लूट लिए और उसका यूपीआई पिन पूंछकर फरार हो गए।जिसके बाद उसके यूपीआई से 7300 रूपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह,एस आई सुशील चन्द्र,एस आई प्रशांत कुमार,कांस्टेबल प्रताप सिंह व बीनू कुमार का सराहनीय योगदान रहा है।आरोपी को विधिक कार्यवाही के पश्चात न्यायालय भेज दिया गया।जहां से न्यायिक हिरासत में उसे जेल भेज दिया गया है।



