कानपुर देहात: सावधान! अपने बच्चे का एडमिशन कराने से पहले ऐसे जांचें स्कूल की मान्यता, बीएसए ने जारी की गाइडलाइन
कानपुर देहात में बिना मान्यता के चल रहे हैं 60 से अधिक स्कूल, भविष्य की परेशानी से बचने के लिए अभिभावक जरूर जांचें ये पांच बातें

राजेश कटियार,कानपुर देहात। नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों के प्रवेश का सिलसिला जुलाई महीने तक लगातार चलता रहता है। ऐसे में यदि आप भी अपने बच्चे का किसी स्कूल में दाखिला कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो बेहद सावधान रहने की जरूरत है। कानपुर देहात जिले में 60 से अधिक स्कूल बिना किसी वैध मान्यता के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इन फर्जी और बिना मान्यता वाले स्कूलों से बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने एक विशेष गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने अभिभावकों को सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी कानूनी अड़चन या परेशानी से बचने के लिए दाखिले से पहले स्कूल की पूरी पड़ताल अवश्य कर लें।
एडमिशन से पहले इन पांच बिंदुओं की जांच है बेहद जरूरी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय के अनुसार, माता-पिता को अपने बच्चे का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए प्रवेश दिलाते समय पांच प्रमुख बातों की अनिवार्य रूप से जांच करनी चाहिए। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित विद्यालय शासन से मान्यता प्राप्त है या नहीं। इसके साथ ही स्कूल के पास वैध यू-डाइस कोड आवंटित होना आवश्यक है। तीसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में तैनात शिक्षक और स्टाफ निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखते हों। चौथी जांच बुनियादी सुविधाओं को लेकर करें, जिसके तहत कक्षाओं में पर्याप्त फर्नीचर, शुद्ध पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग व समुचित शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। पांचवीं और सबसे अहम बात सुरक्षा के लिहाज से स्कूल वाहनों का व्यावसायिक पंजीकरण (पीली नंबर प्लेट) होना और चालक-परिचालक का पुलिस सत्यापन प्रबंध तंत्र द्वारा कराया गया हो।
यू-डाइस कोड नहीं तो नहीं मिलेगा परमानेंट एजुकेशन नंबर (PEN)
शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक, मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को एक परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन) दिया जाता है। नई गाइडलाइन के तहत अब छात्रों का पूरा एकेडमिक रिकॉर्ड इसी पेन नंबर के जरिए ही चेक किया जाएगा। जिन स्कूलों के पास वैध यू-डाइस कोड नहीं है, वहां पढ़ने वाले बच्चों को यह नंबर आवंटित नहीं हो सकेगा, जिससे आगे की पढ़ाई में बड़ी दिक्कत आ सकती है। अभिभावकों को यह पूरा अधिकार है कि वे प्रवेश के समय स्कूल प्रबंधन से मान्यता के दस्तावेज दिखाने की मांग करें। कक्षा पहली से आठवीं तक में एडमिशन के लिए आरटीई पोर्टल पर जाकर भी स्कूलों की सत्यता जांची जा सकती है। इसके अलावा, आरटीई (नि:शुल्क बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम) के तहत आवंटित स्कूलों में यदि दाखिले को लेकर कोई समस्या आ रही है, तो अभिभावक सीधे मोबाइल नंबर 9453004157 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।



