औरैयाउत्तरप्रदेश

आज्ञात कारणों से गेंहूँ की फसल में आग लगने से 11 बीघा गेंहू की फसल जलकर हुई राख

थाना क्षेत्र के एक गांव के पास गेहूं की पकी खड़ी फसल में अचानक आग लग गई आग की लपटें देख वहां से निकल रहे राहगीरो ने तत्काल गांव में सूचना की सूचना मिलते ही गांव के लोग दौड़ पड़े और आग बुझाने की कोशिश करने लगे,आग लगने से लगभग 11 बीघा गेंहूँ जलकर राख हो गया।

Story Highlights
  • ग्रामीणों ने पास में लगे नींम की साखाओ व ट्यूबवेल से बुझाई आग, सोमवार को सुबह दस बजे हुई आग की घटना
फफूंद,औरैया। थाना क्षेत्र के एक गांव के पास गेहूं की पकी खड़ी फसल में अचानक आग लग गई आग की लपटें देख वहां से निकल रहे राहगीरो ने तत्काल गांव में सूचना की सूचना मिलते ही गांव के लोग दौड़ पड़े और आग बुझाने की कोशिश करने लगे,आग लगने से लगभग 11 बीघा गेंहूँ जलकर राख हो गया।
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अधासी गांव निवासी किसान बृजेश मिश्रा का खेत श्याम बिहारी बलकट पर खेती मे फसल करते है जिनका ढाई बीघा फसल जलकर खाक हो गई।
इसी क्रम में विशेसुर खेत मालिक जिनका खेत बृजेश राजपूत बलकट पर फसल पैदावार करते है इनका चार बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।इसी क्रम में मुकेश खेत मालिक जिनका उर्मिला देवी बलकट पर खेत मे फसल पैदावार करती है जिनका ढाई बीघा गेहूं जलकर खाक हो गया। इसी क्रम में खेत मालिक ब्रजराज मिश्रा जो भुवनेश को अपनी जमीन बलकट पर दिए है। इनका करीब दो बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सोमवार करीब दस बजे अज्ञात कारणों से गेंहूँ की फसल में आग लग गई, देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगी। घटना स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। पास में लगे ट्यूबबैल से पानी लेकर ग्रामीण आग बुझाने की कोशिश करने लगे, सैकड़ो लोगो ने नींम की शाखें लेकर आग पर काबू पाने की कड़ी मश्क्कत की। आग पर क़ाबू पाते तब तक 11 बीघा गेंहूँ की फसल जलकर राख हो गई।सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल अश्विनी कुमार तुरन्त घटना स्थल पर पहुँचे, और पीड़ित किसान की रोती हुई पत्नी को हर संम्भव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया।सूचना पर पुलिस भी पहुंची। फायर ब्रिगेड की गाड़ी आने से पहले ही ग्रामीणों द्वारा आग पर काबू पा लिया गया था।
हवा के रुख को देखते हुए   घटना स्थल पर इकठ्ठा सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणों ने पास के दूसरे खेतो में आग फैलने से रोक दी। ग्रामीणों ने पास के खेतों में खड़ी फसल को पानी डालकर गीला कर दिया। जिससे आग फैलने से रुक गई, यदि ग्रामीण यह कोशिश न करते तो सैकड़ो बीघा फसल जल सकती थी।

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