बिना सूचना लम्बे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों की होगी सेवा समाप्त
कोर्ट केस की आड़ और लापरवाही का खेल होगा खत्म

राजेश कटियार, कानपुर देहात। बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे परिषदीय शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अवकाश स्वीकृत कराए बिना लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (परिचारक) की सूचना एक सप्ताह के अंदर देने का निर्देश दिया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी को ऐसी जानकारी मिली है कि सभी विकासखंडों में कई शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और परिचारक बिना किसी त्यागपत्र दिए या बिना मेडिकल लीव के कई वर्षों से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं पूर्व के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन पर कोई भी कार्यवाही नहीं की थी और न ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों ने नियमानुसार उन्हें नोटिस जारी की थी।
जब यह प्रकरण बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय के संज्ञान में आया तो उन्होंने बिना किसी देरी के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर लगातार अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं परिचारक की संपूर्ण सूचना मांगी है। उन्होंने यह भी सूचना मांगी है कि कार्मिक कब से कब तक लगातार अनुपस्थित रहा है और अनुपस्थित अवधि में खंड शिक्षा अधिकारी ने उस पर क्या कार्यवाही की है। इस संदर्भ में साक्ष्य सहित विवरण एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
उन्होंने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी कार्मिक का नाम सूची में छूटना नहीं चाहिए यह प्रकरण अत्यंत ही महत्वपूर्ण है इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। बताते चलें कई अनुदेशकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है कोर्ट ने अनुदेशकों को स्कूल में ज्वाइन कराने का निर्देश दिया है। कई शिक्षामित्र और अनुदेशक ऐसे हैं जो वर्षों से स्कूल नहीं जा रहे हैं और उन्होंने विभाग को त्यागपत्र भी नहीं दिया है और खंड शिक्षा अधिकारियों ने उन्हें कभी भी किसी भी प्रकार का नोटिस भी जारी नहीं किया है ऐसे में वे हाई कोर्ट में पुन: अपने स्कूल में ज्वाइन होने के लिए कभी भी दावा कर सकते हैं।
इस संदर्भ में बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने बताया कि बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं परिचारकों (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) को तीन नोटिस जारी करने के बाद जवाब नहीं मिलने पर उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद नियमावली 1973 तथा उ०प्र० अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 में निहित प्राविधानों के आलोक में कार्यवाही पूर्ण कर सेवा समाप्त की जायेगी।
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