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माती फायर स्टेशन पर ड्राउनिंग से बचाव हेतु विशेष कार्यशाला, जीवन रक्षक गुर सीखे पुलिसकर्मी

कार्यशाला में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की नवीनतम पद्धति का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

कानपुर देहात: गौतमबुद्ध नगर में बेसमेंट में डूबने से हुई एक इंजीनियर की मौत की घटना के बाद कानपुर देहात पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय के निर्देशन में आज माती फायर स्टेशन पर डूबने (ड्राउनिंग) से बचाव और त्वरित राहत कार्यों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में तैनात पुलिस और अग्निशमन दल के कर्मचारियों को जीवन रक्षक तकनीकों में माहिर बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव और उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने यूपी-112 के कर्मचारियों व फायर फाइटर्स को जलाशय, बेसमेंट या गहरी टंकी में डूबने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षित बचाव तकनीकों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि डूबने की घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद कीमती होते हैं और सही हस्तक्षेप से किसी की जान बचाई जा सकती है।

सीपीआर और प्राथमिक उपचार का दिया गया लाइव डेमो

कार्यशाला में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की नवीनतम पद्धति का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डूबने वाले व्यक्ति को पानी से निकालने के बाद फेफड़ों से पानी निकालने और हृदय गति को पुनर्जीवित करने के लिए सीपीआर कैसे संजीवनी साबित हो सकता है। इसके साथ ही बचाव उपकरणों के सही उपयोग और विभागीय समन्वय पर भी चर्चा की गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जनपद का हर बचाव कर्मी अब पूरी तरह सतर्क और सक्षम है।

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