कानपुर देहात

जूनियर सिठमरा के बच्चों ने स्वनिर्मित जल संरक्षण चित्रकला पोस्टर के साथ मुलियापुरवा गांव में की जल संरक्षण संगोष्ठी

शिक्षक गुन्जन पाण्डेय ने कहा कि जलीय जीवन को चार मिली प्रति लीटर आक्सीजन चाहिए अनुदेशक प्रियंका यादव ने पक्षियों के लिए दाना पानी रखने की अपील की

रूरा कानपुर देहात,अमन यात्रा। हमारे शरीर में सत्तर प्रतिशत जल है प्रकृति में उपलब्ध कुल जल का सत्तर प्रतिशत जल मानवीय लापरवाही से प्रदूषित होता है हमारे शरीर में एक प्रतिशत जल की कमी पर प्यास,5 प्रतिशत की कमी पर त्वचा और जीभ सिकुड़ने लगती है पन्द्रह प्रतिशत जल की कमी पर मौत हो जाती है उक्त बात नेपाल से गाँधी पर्यावरण योद्धा सम्मान प्राप्त राज्य स्तरीय प्रशिक्षक नवीन कुमार दीक्षित ने बच्चों द्वारा स्वनिर्मित जल संरक्षण चित्रकला पोस्टर के साथ आयोजित संगोष्ठी में बच्चों को सम्बोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर शिक्षक मायादेवी ने कहा कि हमारे संविधान के अनुच्छेद इक्यावन ए की उपधारा छ: से जल संरक्षण हमारा मूल कर्तव्य है आज हम पृथ्वी के तीसरे स्टेटा से जल दोहन कर रहे हैं जो एक हजार साल में रिचार्ज होता है शिक्षक गुन्जन पाण्डेय ने कहा कि जलीय जीवन को चार मिली प्रति लीटर आक्सीजन चाहिए अनुदेशक प्रियंका यादव ने पक्षियों के लिए दाना पानी रखने की अपील की

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने  कहा कि जीवन दायिनी मोक्षदायिनी मां स्वरूपानं नदी नहर में लोग राख, कूड़ा, छप्पर, जूता चप्पल फेंकते हैं सोंचो यदि नल की टोंटी से यही सब नहाते समय हम सब पर गिरे तो कैसा लगे ।संगोष्ठी में बच्चों में जूनियर विद्यालय सिठमरा से नेहा यादव,दीक्षा यादव , प्रियंका ने सगुन यादव, साक्षी यादव, शालिनी, सेजल खां  सहित ग्रामीण उपस्थित थे  बच्चों ने अतिथियों को स्वनिर्मित बुके भेंट किए।

 

 

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