कानपुर देहात: अनन्तापुर में माखन चोरी,गोवर्धन पर्वत की कथा सुन श्रोता हुए भावविभोर
शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल ने व्यास पीठ का पूजन कर कराया कथा का शुभारंभ

- शनिवार को होगा विशाल भंडारा
पुखरायां। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के अनंतापुर गांव में एआरपी योगेंद्र त्रिवेदी के तत्वाधान में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन बुधवार को कानपुर से पधारे कथावाचक पंडित सुधेश जी मिश्र ने श्रोताओं को माखन चोरी,काली दाह नाग व गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई।इस अवसर पर शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल ने कथा में पहुंचकर व्यासपीठ का पूजन कर कथावाचक का आशीर्वाद लिया।
कथा का वर्णन करते हुए कथावाचक ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण पहली बार घर से बाहर निकले तो उनकी ब्रज से बाहर मित्र मंडली बन गई।सभी मित्र मिलकर रोजाना माखन चोरी करने जाते थे।सब बैठकर पहले योजना बनाते किस गोपी के घर माखन की चोरी करनी है।श्रीकृष्ण माखन लेकर बाहर आ जाते और सभी मित्रों के साथ बैठकर खाते थे।माखन चोरी लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने श्रीकृष्ण के बाल रूप का बड़े ही सुंदर ढंग से वर्णन किया।
कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण बचपन में नटखट थे।भागवत कथा के बीच बीच में संगीतमय भजनों की सुंदर प्रस्तुति की गई ।भागवत कथा में माखन चोरी लीला के पश्चात गोवर्धन पूजा का प्रसंग चला।गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि इंद्र के कुपित होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठा लिया था।
इसमें बृजवासियों ने भी अपना अपना सहयोग दिया।श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए राक्षसों का संहार किया तथा सामाजिक कुरीतियों को मिटाने एवं निष्काम कर्म के जरिए अपना जीवन सफल बनाने का उपदेश दिया।कथा के दौरान शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष एवं एक उम्मीद टीम के महेंद्र पाल ने कथा में पहुंचकर व्यासपीठ का पूजन कर कथावाचक से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा का समापन शुक्रवार 29 मई को होगा तथा शनिवार 30 मई को कथा के समापन के अवसर पर हवन पूजन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।इस मौके पर परीक्षित के रूप में शांति स्वरूप त्रिवेदी एवं उनकी पत्नी विमलेश कुमारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।



