कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश को 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने की तैयारी
कानपुर देहात में बेसिक शिक्षा विभाग ने कसी कमर

राजेश कटियार, कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य को वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए कानपुर देहात के कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय द्वारा जनपद के समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए गए हैं।
जारी किए गए पत्र के अनुसार बाल श्रमिकों और किशोर-किशोरियों के चिन्हांकन, उनके पुनरुत्थान और उनके परिवारों के प्रभावी पुनर्वासन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को एक कार्ययोजना के तहत विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिसके तहत जिला बेसिक शिक्षा विभाग जिला टास्क फोर्स का सक्रिय हिस्सा बनेगा। 6-14 वर्ष के बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया जाएगा। बच्चों की स्कूल में नियमितता बनाए रखने के लिए माता-पिता और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ लगातार बैठकें होंगी।
बच्चों का विद्यालयों में ठहराव सुनिश्चित करने के लिए समुदाय के सदस्यों के साथ नियमित चर्चा की जाएगी। जिन विद्यालयों में बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों का दाखिला हुआ है वहां विशेष रूप से बाल श्रम हितैषी शिक्षक नामित किए जाएंगे। ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें उम्र के अनुसार सही कक्षा में नामांकित किया जाएगा और मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों को नियमित प्रशिक्षण देकर कमजोर और संभावित ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करने और उनकी शिक्षा जारी रखने में सहयोग के लिए तैयार किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।



