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कानपुर देहात: हर बच्चे को कृमि से सुरक्षा, स्वस्थ बचपन हमारी जिम्मेदारी

10 अगस्त को अवश्य खिलाएं एल्बेंडाजोल, स्वस्थ भविष्य की रखें मजबूत नींव

Story Highlights
  • कुपोषण से लड़ाई में बनें सहभागी, कृमि मुक्ति अभियान को बनाएं सफल
  • 1 से 19 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचेगी कृमिनाशक दवा, अभिभावक करें सहयोग
  • स्वस्थ बालक, सशक्त परिवार और विकसित राष्ट्र के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस में निभाएं अपनी भूमिका
  • 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का होगा आयोजन, 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की दवा

कानपुर देहात:  राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर जनपद में 10 अगस्त 2026 को व्यापक स्तर पर कृमि नियंत्रण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों, किशोरों एवं किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल निःशुल्क खिलाई जाएगी। यह दवा विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों को निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास, पोषण स्तर तथा पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी पात्र बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा निर्धारित मानकों के अनुसार खिलाना अत्यंत आवश्यक है।

अभियान के दौरान आयु के अनुसार दवा की खुराक निर्धारित की गई है। 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली दो चम्मचों के बीच अच्छी तरह चूरा कर स्वच्छ पानी में मिलाकर दी जाएगी। 2 से 3 वर्ष के बच्चों को एक पूरी गोली चूरा कर पानी में मिलाकर खिलाई जाएगी। वहीं 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली चबाकर खाने की सलाह दी जाएगी। यदि बच्चा गोली चबा न सके तो उसे भी चूरा कर पानी के साथ दिया जा सकता है।

अभियान के सफल संचालन के लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पर्याप्त मात्रा में दवा, लाभार्थियों का विवरण दर्ज करने हेतु प्रपत्र, स्वच्छ पेयजल एवं गिलास उपलब्ध हों। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं संबंधित कार्मिक दवा को सही विधि से खिलाने तथा प्रत्येक बच्चे तक दवा पहुंचाने का विशेष ध्यान रखेंगे।

अभियान के दौरान कुछ सावधानियों का भी पालन किया जाएगा। जो बच्चे गंभीर रूप से बीमार हों या किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हों, उन्हें स्वस्थ होने के बाद ही दवा दी जाएगी। दवा बच्चों को स्वयं चम्मच से खिलाई जाएगी तथा खुले हुए ब्लिस्टर की दवा का पुनः उपयोग नहीं किया जाएगा। बच्चों को दवा खिलाते समय स्वच्छ पेयजल उपलब्ध रहेगा तथा बिना चबाए या बिना चूरा किए गोली निगलने से बचने की सलाह दी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि एल्बेंडाजोल एक सुरक्षित एवं प्रभावी कृमिनाशक दवा है। दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में हल्के एवं अस्थायी दुष्प्रभाव जैसे जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, पेट में हल्का दर्द या थकान महसूस हो सकती है, जो सामान्यतः स्वतः ठीक हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को आराम करने तथा पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पिलाने की सलाह दी जाती है। यदि किसी प्रकार की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा अथवा 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन पर संपर्क कर चिकित्सकीय सहायता प्राप्त की जा सकती है।

जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान में सक्रिय सहभागिता करें तथा अपने 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल अवश्य खिलवाएं। उन्होंने कहा कि यह छोटा-सा प्रयास बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखने, कुपोषण से बचाने तथा उनके स्वस्थ, सशक्त एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

 


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