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कानपुर देहात: बिना मान्यता संचालित निजी स्कूलों पर आखिर कब गिरेगी गाज

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची तलब कर सख्त कार्यवाही की बात कही है।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कोई भी व्यक्ति बिना मान्यता के स्कूल संचालित नहीं कर सकता लेकिन जनपद में ही इस कानून का मखौल उड़ाते हुए 100 से अधिक निजी स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं आखिर इन स्कूलों पर गाज कब गिरेगी। शिक्षा विभाग की सुस्ती और कथित मिलीभगत के चलते ऐसे स्कूल खुलेआम चल रहे हैं, जिससे अभिभावकों और बच्चों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन विद्यालयों में न तो बुनियादी सुविधाएं होती हैं और न ही प्रशिक्षित शिक्षक, इसके बावजूद अभिभावकों को बेहतर शिक्षा का झांसा देकर बच्चों का प्रवेश लिया जाता है।

बाद में बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाता है क्योंकि ऐसे स्कूलों की मान्यता नहीं होने से उनकी पढ़ाई की वैधता पर सवाल खड़े हो जाते हैं। ​लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद विभागीय स्तर पर ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है। केवल जांच या नोटिस देकर मामले को फाइलों में दबा दिया जाता है जिससे अवैध स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं। ​जिले भर में बिना मान्यता के सैकड़ों विद्यालय संचालित हो रहे हैं। ये स्कूल संचालक प्रवेश द्वार पर गलत सूचना देकर अभिभावकों को धोखा दे रहे हैं।

गजनेर रोड जलालपुर मोड़ पर पीहू कान्वेंट स्कूल बिना मान्यता के चलाया जा रहा, हैवन पब्लिक स्कूल पातेपुर लालपुर, जे के एस शिक्षण संस्थान हिम्मापुरवा, शिवाजी किड्स स्कूल गजनेर, बाबा लोधेश्वर स्कूल गजनेर आदि स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों के ​बच्चे पढ़ते किसी विद्यालय में हैं और परीक्षा परिणाम में दूसरे विद्यालय का नाम होता है। मतलब बिना मान्यता के जो विद्यालय फीस वसूली करते हैं उसका हिस्सा दूसरे विद्यालय को भी देते हैं।​ सड़क पर विद्यालय हैं पर अधिकारियों को वह आते जाते कभी नजर नहीं आते। वहीं कई बार मान्यता कम कक्षा (प्राथमिक स्तर) तक होती है और संचालन अधिक कक्षा (उच्च प्राथमिक स्तर) तक किया जाता है।

कई बार शिकायतों के बावजूद विभागीय स्तर पर इन स्कूलों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती। केवल औपचारिक जांच या नोटिस देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है जिससे बिना मान्यता वाले स्कूलों के प्रबंधकों की मनमानी चल रही है।​ अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बिना मान्यता वाले स्कूलों की जांच कर कार्यवाही की जाए और दोषी स्कूल संचालकों पर सख्त कार्यवाही की जाएं ताकि बच्चों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सके।

इस संदर्भ में सरवनखेड़ा विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि इन स्कूलों को मान्यता से संबंधित दस्तावेज व यू-डायस कोड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था लेकिन अधिकांश स्कूल आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाए। जवाबों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। यदि किसी स्कूल का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो उन्हें अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद अमान्यता की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि सभी विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों से गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची तलब की है। सूची प्राप्त होने के उपरांत सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।

 


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