कानपुर देहात में ग्राम पंचायत सचिवों की उपस्थिति के लिए रोस्टर लागू, पढे सम्पूर्ण जानकारी
ग्रामीणों को समस्याओं के हल के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, फेसियल रिकग्निशन से दर्ज होगी हाजिरी

कानपुर देहात। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सचिवों की नियमित एवं सुनिश्चित उपस्थिति के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्णय ग्राम पंचायतों में सचिवों की उपस्थिति संबंधी शिकायतों एवं प्रशासनिक निरीक्षणों के दौरान उत्पन्न कठिनाइयों को दृष्टिगत रखते हुए लिया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद में अनेक ग्राम पंचायत सचिवों को एक से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यभार आवंटित है, जिसके कारण ग्राम पंचायतों में उनकी उपलब्धता के संबंध में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा उच्चाधिकारियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार निरीक्षण के दौरान सचिव संबंधित ग्राम पंचायत में उपस्थित नहीं मिलते हैं, जिससे विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं के निस्तारण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने अवगत कराया कि शासन एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम सचिवालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए फेसियल रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है। साथ ही ग्राम सचिवालयों में वेबकैम युक्त कंप्यूटर के माध्यम से कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन्हीं व्यवस्थाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत सचिवों की ग्राम पंचायतवार उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु रोस्टर प्रणाली लागू की गई है। रोस्टर के अनुसार प्रत्येक सचिव प्रातः 10:00 बजे निर्धारित ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसके उपरांत वे ग्रामवासियों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे तथा संचालित विकास योजनाओं का निरीक्षण एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करेंगे। ग्राम सचिवालय समय से खुले तथा आमजन को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हों, इसकी जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों की होगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत), ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे रोस्टर के अनुसार सचिवों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं तथा रोस्टर की प्रति विकास खंड एवं ग्राम पंचायत कार्यालयों में चस्पा कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्देशों के अनुपालन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।इसके अतिरिक्त जनपद स्तर पर तथा प्रत्येक विकास खंड स्तर पर कर्मचारियों की उपस्थिति का नियमित सत्यापन किए जाने तथा निर्धारित प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति का प्रतिदिन जियो-टैग्ड फोटोग्राफ के माध्यम से परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि इस नई व्यवस्था से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी और ग्रामीणों को अपने काम के लिए बेवजह दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।



