कानपुर देहात: राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.55 लाख से अधिक वादों का निस्तारण, 33 जोड़ों के घर फिर बसे
लोक अदालत के दौरान सबसे भावुक दृश्य पारिवारिक न्यायालय में देखने को मिला।

कानपुर देहात में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस लोक अदालत में आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर न्याय की नई मिसाल पेश की गई। जनपद न्यायाधीश रवीन्द्र सिंह ने इस अवसर पर अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए अधिकारियों और अधिवक्ताओं को निर्देशित किया।
पारिवारिक न्यायालय में दिखी खुशहाली और मोटर दावों में मिली बड़ी राहत
लोक अदालत के दौरान सबसे भावुक दृश्य पारिवारिक न्यायालय में देखने को मिला। प्रधान न्यायाधीश कल्पना के निर्देशन में वैवाहिक विवादों की सुनवाई हुई, जिसमें 85 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान 33 ऐसे वैवाहिक जोड़े जो अलग रह रहे थे, आपसी सहमति से दोबारा साथ रहने के लिए राजी हुए। उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया। वहीं, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी शाज़िया नज़र जैदी ने 101 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 8,92,16,650 रुपये की बड़ी क्षतिपूर्ति राशि दिलाई।
वित्तीय संस्थानों की रिकवरी और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित न्याय
लोक अदालत में बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के कर्ज से जुड़े 1,380 मामलों का समाधान किया गया, जिसके तहत 13.21 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक रिकवरी सुनिश्चित हुई। जनपद की सभी छह तहसीलों में भी उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व में राजस्व वादों का निपटारा हुआ। कानपुर देहात की तहसीलों के साथ-साथ बिल्हौर और घाटमपुर के मामलों को मिलाकर कुल 28,379 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रणविजय सिंह के नेतृत्व में लघु फौजदारी के 3,140 मामलों का समाधान हुआ।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सफल प्रबंधन से मिली बड़ी उपलब्धि
सचिव नूपुर श्रीवास्तव के कुशल संचालन में आयोजित इस लोक अदालत में मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, उत्तराधिकार और राजस्व सहित विभिन्न प्रकृति के कुल 2,55,577 वादों का निपटारा हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में कुल 22,40,01,725 रुपये का अर्थदंड वसूला गया और क्षतिपूर्ति दिलाई गई। कार्यक्रम में अपर जिला जज रजत सिन्हा, अजय कुमार सिंह-II, अपर्णा त्रिपाठी, पीयूष तिवारी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी और भारी संख्या में अधिवक्ता व कर्मचारी उपस्थित रहे। जनपद न्यायाधीश रवीन्द्र सिंह ने व्यक्तिगत रूप से सभी पंडालों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
ये भी पढ़े- कानपुर देहात: मजदूर ने घर के भीतर फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिजन बेहाल



