कानपुर देहात: सुआ बाबा मंदिर में बेसहारा मिले दंपत्ति के लिए ‘देवदूत’ बने गौरव पंडित
अपने ही घर से धक्के मारकर निकाले गए 90 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति, अब वृद्धाश्रम बना सहारा

पुखरायां (कानपुर देहात): रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर को एक पिता ने अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर तिनका-तिनका जोड़कर बनाया था, उसी घर से आज उसे और उसकी वृद्ध पत्नी को ‘धक्के’ मारकर बाहर निकाल दिया गया। मामला कानपुर के नौबस्ता का है, जहां एक बेटे और दामाद की क्रूरता के कारण 90 साल के बुजुर्ग पिता और 85 साल की मां को सड़कों पर रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बेटे और दामाद ने घर पर किया कब्जा, बुजुर्गों को किया बेघर
पीड़ित बुजुर्ग अमर सिंह यादव (90 वर्ष), पुत्र श्री छोटे लाल यादव, अपनी पत्नी राम जानकी उर्फ मूंगा (85 वर्ष) के साथ पुखरायां के सुआ बाबा मंदिर के पास असहाय स्थिति में मिले। मूल रूप से आलमपुर, कालपी के रहने वाले इस दंपत्ति ने बताया कि उन्होंने कानपुर के नौबस्ता में अपना एक मकान बनवाया था।
बुजुर्गों का आरोप है कि उनके बेटे और दामाद ने मिलकर उनके घर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और उन्हें मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।
हिंदू नेता गौरव पंडित ने बढ़ाया मदद का हाथ
सुआ बाबा मंदिर के पास लाचार बैठे इन बुजुर्गों की सूचना जब हिंदू नेता और गौरक्षक गौरव पंडित को मिली, तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे। बुजुर्गों की आपबीती सुनकर हर किसी की रूह कांप गई। गौरव पंडित ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल सक्रियता दिखाई और बेघर हो चुके इस दंपत्ति को रहने और खाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
रनिया वृद्धाश्रम भेजा गया दंपत्ति
अपनों की बेरुखी और क्रूरता के शिकार इन बुजुर्गों को गौरव पंडित और स्थानीय सहयोगियों की मदद से रनिया स्थित वृद्धाश्रम सुरक्षित भेज दिया गया है। 90 साल की उम्र में जहां बच्चों को सहारा बनना चाहिए था, वहां बेटों द्वारा किए गए इस कृत्य की पूरे क्षेत्र में घोर निंदा हो रही है।
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