डेरापुर में मनरेगा कर्मियों की हड़ताल: 8 महीने से खाली जेब, अब काम बंद कर मांगा हक
मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजेंगे मनरेगा कर्मचारी, डेरापुर ब्लॉक में हड़ताल से मची हलचल

डेरापुर। विकास खंड डेरापुर के मनरेगा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और पिछले आठ महीनों से मानदेय न मिलने के विरोध में आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट हुए कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी विश्राम सिंह को ज्ञापन सौंपकर 25 अप्रैल तक सांकेतिक हड़ताल पर जाने की सूचना दी है। कर्मचारियों के इस कदम से विकास कार्यों और मनरेगा के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स पर ब्रेक लगने की आशंका बढ़ गई है।
8 माह से मानदेय का इंतजार, नियमितीकरण की मांग
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे पिछले आठ महीनों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में एचआर पॉलिसी लागू करना, मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी और पिछले 20 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे कर्मियों का नियमितीकरण शामिल है। प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर शुरू हुई यह हड़ताल अब ब्लॉक स्तर पर जोर पकड़ रही है।
आंदोलन की रणनीति और चेतावनी
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि 17 अप्रैल से शुरू हुई यह सांकेतिक हड़ताल 25 अप्रैल तक जारी रहेगी। यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो 26 अप्रैल को ब्लॉक के सभी कर्मचारी पोस्टकार्ड के जरिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपनी पीड़ा सुनाएंगे। इसके बाद भी समाधान न होने पर 1 मई को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा और आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
कर्मचारियों ने ब्लॉक प्रशासन से अनुरोध किया है कि हड़ताल की अवधि के दौरान किसी भी कर्मचारी पर काम करने का अनुचित दबाव न बनाया जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक और मनरेगा स्टाफ मौजूद रहा, जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी भी की।
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