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सरवनखेड़ा में बिना मान्यता संचालित चार स्कूलों पर बीएसए ने ठोका एक-एक लाख जुर्माना

जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बिना मान्यता के किसी भी स्कूल को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने जनपद में बिना मान्यता के संचालित सभी स्कूलों की कुंडली खोलनी शुरू कर दी है। बीएसए ने 7 जुलाई को सरवनखेड़ा विकासखंड के चार स्कूलों को नोटिस जारी की है

राजेश कटियार,कानपुर देहात। जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बिना मान्यता के किसी भी स्कूल को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने जनपद में बिना मान्यता के संचालित सभी स्कूलों की कुंडली खोलनी शुरू कर दी है। बीएसए ने 7 जुलाई को सरवनखेड़ा विकासखंड के चार स्कूलों को नोटिस जारी की है। जिन पर पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने एक एक लाख रुपए का अर्थदंड लगाया था लेकिन इन स्कूल संचालकों ने ना तो उक्त धनराशि जमा की और ना ही स्कूल बंद किए जिसका संज्ञान लेते हुए वर्तमान बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने सरवनखेड़ा विकासखंड के चार स्कूलों क्रमशः श्री ए.एस. के. डी. लोहारी, ए. एण्ड जी. मार्डन स्कूल नारीखेत किशरवल, जय बाबा लोधेश्वर जू.हा. स्कूल गजनेर, शिवाजी शिक्षण संस्थान गजनेर को नोटिस जारी की है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि ये सभी स्कूल संचालक एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की धनराशि जमा करें और तत्काल विद्यालय का संचालन बंद करें तथा तीन कार्य दिवस के अंदर सुसंगत अभिलेखों के साथ कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। अन्यथा की स्थिति में एक लाख का अर्थदंड भू राजस्व वसूली की भांति वसूला जाएगा। इसके अलावा नोटिस के बाद भी स्कूल के निरंतर संचालित रहने पर प्रतिदिन के हिसाब से दस हजार रूपए का अर्थ दंड लगाया जाएगा। अब देखना यह है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालयों को भेजी गई नोटिस पर अमल होता है या फिर विगत वर्षों की भांति समझौता किया जाएगा। हालांकि बताया जाता है कि बेहद ईमानदार बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय अपने कर्तव्यों के प्रति किसी के सामने झुकने वाले व समझौता करने वाले नहीं है। कुछ भी हो यदि बिना मान्यता संचालित स्कूलों पर नकेल लगी तो सरकारी स्कूलों के छात्र नामांकन में बढ़ोतरी होगी।

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