कानपुर देहात: स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का उपयोग न करने वाले स्कूलों को कारण बताओ नोटिस, वेतन रोकने की चेतावनी
एनबीजीडीयूपी पोर्टल पर जिले की निराशाजनक स्थिति पर बीएसए आशीष कुमार पाण्डेय ने जताई कड़ी नाराजगी।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने जिले के सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, समस्त पीएमश्री, कम्पोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्यवाही विद्यालयों में स्थापित डिजिटल सुविधाओं (टैबलेट, स्मार्ट क्लास सेटअप और आईसीटी लैब) का नियमित संचालन न करने और लापरवाही बरतने पर की गई है। 29 जुलाई 2026 को राज्य परियोजना निदेशक द्वारा की गई समीक्षा बैठक में पाया गया कि कानपुर देहात जिला डिजिटल सुविधाओं के उपयोग के मामले में प्रदेश के 10 सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में कानपुर देहात शामिल है। एनबीजीडीयूपी पोर्टल पर जिले की बेहद निराशाजनक स्थिति प्रदर्शित हो रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए बीएसए ने इसे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में घोर लापरवाही और शिथिल कार्यशैली माना है।
1 अगस्त तक देना होगा स्पष्टीकरण
बीएसए ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि वे अपने विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का उपयोग न होने और उनके निष्क्रिय रहने के संबंध में साक्ष्यों सहित अपना स्पष्टीकरण 1 अगस्त 2026 तक अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित प्रधानाध्यापकों का आगामी माह का वेतन रोक दिया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी। इसके साथ ही बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, एआरपी और एसआरजी को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने ब्लॉक के स्कूलों का नियमित अनुश्रवण करें।
यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से प्रतिदिन कम से कम 2 घंटे कक्षा-शिक्षण कार्य अनिवार्य रूप से कराया जाए। संतोषजनक प्रगति न मिलने पर विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की जाएगी।
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