मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण किया, दिए अहम निर्देश
पांच वर्ष से अधिक पुराने न्यायिक मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश।

कानपुर नगर। मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने आज सायं कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें कलेक्ट्रेट स्थित विभिन्न शाखाओं, न्यायालयों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर मंडलायुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर औपचारिक स्वागत किया गया।
सायं लगभग 4 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे मंडलायुक्त ने न्यायालय जिला मजिस्ट्रेट, एडीएम न्यायिक न्यायालय, एडीएम सिटी न्यायालय, एसडीएम सदर न्यायालय, एफएसडीए स्टोर रूम, एनआईसी कक्ष, औषधि निरीक्षक कार्यालय सहित विभिन्न शाखाओं एवं संबंधित पटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों के संधारण, वादों की प्रगति तथा कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शस्त्र अनुभाग के निरीक्षण के दौरान उन्हें अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 39,318 शस्त्र लाइसेंस निर्गत हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि विगत पांच वर्षों से जिन लाइसेंस धारकों द्वारा नवीनीकरण नहीं कराया गया है, उनकी पृथक सूची तैयार कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य राजस्व लेखाकार कार्यालय के निरीक्षण में उन्होंने दैवीय आपदा राहत एवं कृषक दुर्घटना बीमा योजना से संबंधित प्रकरणों की स्थिति जानी तथा शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लंबित प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने जनपद के सबसे बड़े राजस्व बकायेदारों की समीक्षा की और अभियान चलाकर वसूली के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनसुनवाई व्यवस्था की जानकारी देते हुए फरियादियों के लिए उपलब्ध प्रतीक्षाकक्ष एवं सुविधाओं का विवरण प्रस्तुत किया। मंडलायुक्त ने आईजीआरएस, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, मत्स्य पट्टा एवं कुम्हारी कला पट्टा से संबंधित आवेदनों की प्रगति की भी समीक्षा की। एडीएम न्यायालय में 266 राजस्व वाद एवं 586 किरायेदारी वाद प्रक्रियाधीन पाए गए, जिनमें पांच वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने अर्बन सीलिंग एवं रूरल सीलिंग भूमि का अद्यतन विवरण प्रस्तुत करने को कहा, जिससे विभिन्न विकास परियोजनाओं हेतु भूमि की उपलब्धता का यथार्थ आकलन किया जा सके।
इस अवसर पर एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी, एडीएम (एलए) संतोष कुमार राय, एडीएम (सिविल सप्लाई) राजेश कुमार, एसडीएम सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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